Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए राष्ट्रपति Trump द्वारा घोषित ‘तत्काल’ शिप इंश्योरेंस योजना को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है। Lloyd’s List की जानकारी के मुताबिक, इस योजना के ऐलान के लगभग चार हफ्ते बीत जाने के बाद भी अभी तक इसका लाभ लेने वाला कोई भी सामने नहीं आया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह सरकारी बीमा सुविधा शायद सिर्फ अमेरिका से जुड़े जहाजों तक ही सीमित है, जिस कारण अन्य अंतरराष्ट्रीय जहाजों ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है।

ℹ: सऊदी अरब ने पूर्वी क्षेत्र की तरफ आ रही बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में मार गिराया, रक्षा मंत्रालय ने जारी किया बयान

अमेरिकी सरकार की इस बीमा योजना में अब तक क्या हुआ?

मार्च 2026 की शुरुआत में जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा, तब ऊर्जा सप्लाई को जारी रखने के लिए राष्ट्रपति Trump ने एक विशेष इंश्योरेंस मैकेनिज्म बनाने का निर्देश दिया था। इसके बाद US International Development Finance Corporation (DFC) ने एक भारी-भरकम फंड की घोषणा की थी। इस योजना से जुड़ी कुछ मुख्य तारीखें और तथ्य नीचे दिए गए हैं:

  • 3 मार्च 2026: राष्ट्रपति Trump ने पहली बार इस बीमा कार्यक्रम की घोषणा की थी।
  • 8-9 मार्च 2026: DFC द्वारा 20 बिलियन डॉलर की सरकारी बीमा सुविधा का आधिकारिक ऐलान किया गया।
  • 29 मार्च 2026: ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने कहा कि यह प्रोग्राम जल्द ही पूरी तरह शुरू हो जाएगा।
  • 1 अप्रैल 2026: रिपोर्ट आई कि अभी तक किसी भी जहाज ने इस सुविधा का इस्तेमाल नहीं किया है।

जहाज मालिकों के बीच क्यों नहीं है इस योजना की मांग?

शिपिंग एक्सपर्ट्स और Lloyd’s Market Association (LMA) का कहना है कि समुद्र में जहाजों की कम आवाजाही का कारण बीमा की कमी नहीं है। जहाज मालिकों के लिए सबसे बड़ी चिंता उनके क्रू मेंबर्स की सुरक्षा और जहाजों को होने वाला भौतिक नुकसान है। सरकारी बीमा होने के बावजूद जोखिम कम नहीं हो रहा है।

संबंधित पक्ष वर्तमान स्थिति और राय
जहाज मालिक बीमा से ज्यादा कर्मचारियों की सुरक्षा और जान-माल के नुकसान को लेकर चिंतित हैं।
लंदन मार्केट (LMA) इनका कहना है कि बाजार में कमर्शियल इंश्योरेंस पहले से ही उपलब्ध है।
US Treasury विभाग का मानना है कि यह सुविधा जल्द ही असर दिखाना शुरू करेगी।

फिलहाल Strait of Hormuz में तनाव के कारण कई कंपनियों ने अपने जहाजों के रूट बदल दिए हैं या वे बहुत सावधानी बरत रही हैं। Lloyd’s List की रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि इस अमेरिकी योजना की शर्तें और पात्रता अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, जिससे आम शिपिंग कंपनियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.