अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान और अमेरिका के बीच सुलह कराने में पाकिस्तान की भूमिका का खुलकर समर्थन किया है. ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और आर्मी चीफ की तारीफ करते हुए उन्हें शानदार बताया. हालांकि, अमेरिकी प्रशासन के अंदर ही इस मुद्दे पर मतभेद दिख रहे हैं और कुछ नेता पाकिस्तान पर भरोसा नहीं कर रहे हैं.

पाकिस्तान की मध्यस्थता पर विवाद क्यों है?

अमेरिकी Senator Lindsey Graham ने पाकिस्तान पर भरोसा जताने से मना कर दिया है. उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा कि वह पाकिस्तान पर बिल्कुल भरोसा नहीं करते. ग्राहम ने आरोप लगाया कि ईरानी सैन्य विमानों को पाकिस्तान के एयरबेस इस्तेमाल करने दिए गए, जो एक निष्पक्ष मध्यस्थ के तौर पर सही नहीं है. उनका सुझाव था कि अमेरिका को अब किसी और देश को बीच में लाना चाहिए.

इन आरोपों पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और सैन्य मदद के दावों को गलत बताया. पाकिस्तान ने माना कि युद्धविराम के दौरान ईरानी विमान देश में मौजूद थे, लेकिन वे केवल राजनयिक और बातचीत से जुड़े कामों के लिए आए थे. पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने दोनों पक्षों के साथ ईमानदारी बरती है.

अमेरिका और ईरान की बातचीत की क्या स्थिति है?

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता इस समय मुश्किल दौर से गुजर रही है. राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के ताजा शांति प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया और उसे ‘कचरा’ करार दिया. ट्रंप के मुताबिक, पिछले महीने शुरू हुआ युद्धविराम अब अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है.

  • ईरान की मांग: ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Qalibaf ने अमेरिका से 14 सूत्रीय प्रस्ताव मानने को कहा है.
  • मुख्य शर्तें: इस प्रस्ताव में प्रतिबंधों में राहत, अमेरिकी सेना की वापसी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य और लेबनान से जुड़े ceasefire फ्रेमवर्क की मांग की गई है.
  • चेतावनी: ईरान ने साफ किया है कि उसकी सेना किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है.

ट्रंप प्रशासन के अंदर क्या चल रहा है?

ट्रंप सरकार के कुछ अधिकारियों के बीच पाकिस्तान की भूमिका को लेकर शक है. कुछ लोगों का मानना है कि पाकिस्तानी मध्यस्थ, ट्रंप की नाराजगी को ईरान तक सही तरीके से नहीं पहुँचा रहे हैं. उन्हें लगता है कि पाकिस्तान, ईरान के रुख को ज़रूरत से ज़्यादा सकारात्मक बनाकर पेश कर रहा है.

जब अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth और Joint Chiefs Chairman Dan Caine से पाकिस्तान में ईरानी विमानों की मौजूदगी पर सवाल पूछे गए, तो उन्होंने राजनयिक कारणों का हवाला देते हुए इस पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया.

Frequently Asked Questions (FAQs)

डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के बारे में क्या कहा?

राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की तारीफ की और कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और आर्मी चीफ ने शानदार काम किया है.

ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें रखी हैं?

ईरान ने 14 सूत्रीय प्रस्ताव रखा है जिसमें अमेरिकी प्रतिबंधों में राहत, अमेरिकी सेना की वापसी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य व लेबनान से जुड़ी शर्तें शामिल हैं.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.