अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोमवार, 27 जुलाई 2026 को ईरान पर किए जा रहे सैन्य हमलों को रोकने का फैसला लिया है। राष्ट्रपति ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए एक नया रास्ता तैयार करना है। यह निर्णय पिछले करीब दो हफ्तों से लगातार जारी हमलों के बाद लिया गया है।
बातचीत की उम्मीद और हकीकत
अमेरिकी राष्ट्रपति ने 25 जुलाई को कहा था कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और तेहरान के तेवर पहले से अधिक गंभीर दिखाई दे रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत Mike Waltz ने रविवार, 26 जुलाई को स्पष्ट किया कि हमलों को रोकने का मकसद बातचीत को कुछ जगह देना है। उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी तरह से गोला-बारूद खत्म होने की खबरें गलत हैं।
वहीं, दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने सोमवार को कहा कि हालांकि बिचौलिए संदेश साझा कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने संकेत दिया कि अगर अमेरिका हमले बंद रखता है, तो ईरान भी अपनी ओर से जवाबी हमले रोक सकता है, लेकिन उन्होंने किसी बड़े समझौते की उम्मीद कम ही जताई है।
क्षेत्रीय तनाव अभी भी बरकरार
अमेरिकी और ईरानी हमलों के बीच कुछ हद तक नरमी के बावजूद, इलाके में तनाव कम नहीं हुआ है। यमन के Houthi विद्रोहियों ने 27 जुलाई को सऊदी अरब के कच्चे तेल के ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले का दावा किया है। इस स्थिति पर चर्चा के लिए इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की आज राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मुलाकात तय है।
