अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आखिरकार नए टैरिफ (आयात शुल्क) की घोषणा कर दी है, जिससे अमेरिका के व्यापारिक साझेदारों में हलचल मच गई है। इस फैसले के तहत, उन देशों पर ज्यादा शुल्क लगाया जाएगा जो अमेरिकी सामानों पर अधिक टैक्स वसूलते हैं। भारत को अब अमेरिका में अपने सामान के निर्यात पर 26% टैरिफ चुकाना होगा, जबकि अन्य देशों पर इससे भी ज्यादा असर पड़ा है।

ट्रम्प ने भारत पर क्यों लगाया टैरिफ?

व्हाइट हाउस में “Make American Wealthy Again” इवेंट में राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा:

“भारत बहुत ही टफ है। प्रधानमंत्री अभी-अभी यहां से गए हैं, वे मेरे अच्छे दोस्त हैं, लेकिन वे हमें सही तरीके से ट्रीट नहीं कर रहे। वे हमसे 52% टैक्स वसूलते हैं, जबकि हम उनसे लगभग कुछ भी नहीं लेते।”

ट्रम्प के इस बयान से साफ है कि वे अमेरिका के व्यापार संतुलन को सुधारने के लिए कदम उठा रहे हैं। भारत सरकार इस टैरिफ के प्रभाव का अध्ययन कर रही है और संभावित जवाबी कार्रवाई पर विचार कर रही है

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक हालात

  • 2024 में भारत-अमेरिका का कुल व्यापार: $124 बिलियन

  • भारत से अमेरिका को निर्यात: $81 बिलियन

  • अमेरिका से भारत को आयात: $44 बिलियन

  • भारत का व्यापार अधिशेष (सुपरप्लस): $37 बिलियन

 

अमेरिका में भारतीय सामानों की मांग अधिक है, लेकिन नए टैरिफ से भारतीय निर्यातकों को झटका लग सकता है। हालांकि, भारत ने अमेरिका से आयात होने वाले $23 बिलियन मूल्य के सामानों पर टैरिफ में कटौती की पेशकश की है

दूसरे देशों को कितना झटका लगा?

भारत के अलावा कई अन्य देशों पर भी अमेरिका ने भारी टैरिफ लगाए हैं:

देश टैरिफ (%)
चीन 34%
यूरोपीय संघ 20%
वियतनाम 46%
दक्षिण कोरिया 25%
जापान 24%
ताइवान 32%
यूके 10%
स्विट्जरलैंड 34%
कंबोडिया 49%
दक्षिण अफ्रीका 30%
इंडोनेशिया 32%
ब्राज़ील और सिंगापुर 10%

इनमें से वियतनाम, कंबोडिया और चीन पर सबसे भारी शुल्क लगाया गया है।

नए टैरिफ का मकसद क्या है?

  • अमेरिकी कंपनियों को फायदा दिलाना: ट्रम्प का दावा है कि ये टैरिफ अमेरिकी निर्माण क्षेत्र (मैन्युफैक्चरिंग) को बढ़ावा देंगे।

  • अमेरिका के व्यापार घाटे को कम करना: अमेरिका का भारत समेत कई देशों के साथ व्यापार घाटा है, जिसे ट्रम्प सुधारना चाहते हैं।

  • राजनीतिक कदम: यह फैसला अमेरिका में चुनावी माहौल के बीच आया है, जिससे घरेलू उद्योगों का समर्थन हासिल किया जा सके।

 

बिजनेस और निवेशकों पर असर

टैरिफ के कारण कपड़ा, फूड प्रोसेसिंग और टेक्सटाइल सेक्टर की कंपनियों पर असर पड़ सकता है।

कंपनी का नाम बाजार मूल्य (₹ करोड़) संभावित मुनाफा (%)
Trident Ltd 12,903 50%
Welspun Living Ltd 12,622 44%
Arvind Ltd 8,326 43%
Garware Technical Fibres Ltd 8,471 12%
Avanti Feeds Ltd 11,902 -13% (घाटा)

 

विशेषज्ञों का मानना है कि कपड़ा और टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों में गिरावट आ सकती है, क्योंकि अमेरिका भारतीय कपड़ों का बड़ा खरीदार है।

क्या भारत को जवाबी कदम उठाना चाहिए?

भारत सरकार इस स्थिति का विश्लेषण कर रही है और टैरिफ असंतुलन को कम करने के उपायों पर चर्चा कर रही है। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत को भी अमेरिकी सामानों पर जवाबी टैरिफ लगाना चाहिए, जबकि कुछ का कहना है कि व्यापार वार्ता के जरिए हल निकाला जाए।

आगे क्या होगा?

5 अप्रैल से अमेरिका में 10% का बेस टैरिफ लागू हो जाएगा, और 9 अप्रैल से उच्च दरें प्रभावी होंगी। अगर यह व्यापार विवाद बढ़ता है, तो भारत-अमेरिका संबंधों पर असर पड़ सकता है।