अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है। खबर है कि राष्ट्रपति Donald Trump ईरान पर बमबारी करने की मंजूरी दे सकते हैं। इसराइली मीडिया की रिपोर्ट्स और ट्रम्प के कड़े बयानों ने पूरी दुनिया, खासकर Gulf देशों में हलचल मचा दी है। इस समय हालात काफी नाजुक हैं और युद्ध की आशंका बढ़ गई है।
Donald Trump ने ईरान को लेकर क्या धमकी दी है?
राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कहा है कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के विकल्प को खुला रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य तबाही अभी खत्म नहीं हुई है। ट्रम्प ने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अपनी संवर्धित यूरेनियम की खेप स्वेच्छा से नहीं सौंपी, तो अमेरिका उसे हासिल करने के लिए सीधा हस्तक्षेप करेगा।
- ट्रम्प ने ईरान को 20 साल तक परमाणु कार्यक्रम रोकने का प्रस्ताव दिया, बशर्ते ईरान पूरी प्रतिबद्धता दिखाए।
- उन्होंने ईरान द्वारा भेजे गए शांति प्रस्ताव को कचरा और बहुत कमजोर बताकर खारिज कर दिया।
- ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान ने सही रास्ता नहीं चुना, तो अमेरिका इस मिशन को पूरा करेगा।
- चीन यात्रा के दौरान ट्रम्प ने परमाणु कार्यक्रम और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के संकट पर चर्चा की।
ईरान और अन्य देशों का इस पर क्या कहना है?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि धमकी की भाषा से अमेरिका और इसराइल को केवल विफलता ही मिलेगी। वहीं, इसराइली चैनल Kan ने बताया कि ट्रम्प चीन यात्रा के बाद ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने का अंतिम फैसला लेंगे। इस मामले में सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देश तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
- चीन ने युद्ध रोकने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अपील की है।
- सऊदी अरब ने पहले ही हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी प्रोजेक्ट फ्रीडम का विरोध किया था ताकि मामला और न बढ़े।
- पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच संदेश पहुंचाने का जरिया बना हुआ है।
- अमेरिकी सेना ने हाल ही में दक्षिणी ईरान में कुछ हमले किए थे, जिससे युद्ध विराम की स्थिति बहुत कमजोर हो गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया है?
अभी हमला नहीं हुआ है, लेकिन इसराइली मीडिया और राष्ट्रपति ट्रम्प के बयानों से संकेत मिल रहे हैं कि वह जल्द ही बमबारी की मंजूरी दे सकते हैं।
इस विवाद में चीन और पाकिस्तान की क्या भूमिका है?
चीन ने युद्ध रोकने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अपील की है, जबकि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच संदेश भेजने का काम कर रहा है।
