अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर एक सख्त रुख अपनाया है। 20 जुलाई 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान को हर अमेरिकी सैनिक की मौत की भारी कीमत चुकानी होगी। यह बयान तब आया है जब पिछले 9 दिनों से अमेरिकी सेना लगातार ईरान पर हमले कर रही है। इससे पहले 17 जुलाई 2026 को जॉर्डन में ईरान के हमले में 1st Lt. Tyler James Feehan और Pvt. Isabella Gonzales की जान चली गई थी, जबकि 18 जुलाई को इराक में एक और अमेरिकी सैनिक मारा गया था।

खाड़ी देशों में तनाव और शिपिंग पर असर

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस तनाव ने अब खाड़ी देशों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। ईरान ने Kuwait और Bahrain में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों के चलते Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही लगभग पूरी तरह से रुक गई है, जिससे व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने स्पष्ट किया है कि बातचीत के रास्ते खुले हैं लेकिन जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने इसे अमेरिका द्वारा समझौते का उल्लंघन बताया है। मौजूदा हालातों के बीच शांति के प्रयास भी किए जा रहे हैं, जिसमें 10 दिनों के संघर्ष विराम का प्रस्ताव शामिल है, लेकिन दोनों देशों के बीच भरोसे की भारी कमी बनी हुई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.