अमेरिका और ईरान के बीच शांति की सारी कोशिशें नाकाम हो गई हैं। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई बातचीत के बाद अब मामला और बिगड़ गया है। डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कह दिया है कि उनकी सेना पूरी तरह तैयार है और सही समय आने पर वे ईरान का नामो-निशान मिटा देंगे। इस तनाव से पूरी दुनिया की नजरें अब मिडिल ईस्ट पर टिकी हैं।

🚨: Strait of Hormuz Update: ट्रंप ने किया ऐलान, होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलेंगे अमेरिका और सहयोगी देश, तेल की कीमतें गिर सकती हैं

इस्लामाबाद में बातचीत क्यों रही नाकाम

अमेरिका और ईरान की टीमों के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में करीब 21 घंटे तक चर्चा चली। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि ईरान परमाणु हथियार न रखने की शर्त पर सहमत नहीं हुआ। अमेरिका ने इसे अपनी आखिरी और सबसे अच्छी पेशकश कहा था, लेकिन ईरान ने इसे मानने से इनकार कर दिया। इसी वजह से दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया और बातचीत विफल रही।

डोनाल्ड ट्रम्प की नई धमकी और शर्तें

बातचीत फेल होने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने बहुत सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि अब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की तुरंत समुद्री नाकाबंदी की जाएगी ताकि ईरान की तरफ जाने वाले जहाज रुक जाएं। ट्रम्प ने यह भी चेतावनी दी कि अगर शर्तें नहीं मानी गईं, तो अमेरिका ईरान के पुलों और पावर स्टेशनों जैसे नागरिक इलाकों पर भी हमला कर सकता है। उन्होंने अपनी सेना को पूरी तरह युद्ध के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है।

तनाव का पूरा घटनाक्रम

तारीख मुख्य घटना
7 अप्रैल 2026 ट्रम्प ने बुनियादी ढांचे पर हमले की चेतावनी दी
9 अप्रैल 2026 बड़ी जंग की धमकी दी और सेना को ईरान के पास तैनात रखा
11 अप्रैल 2026 इस्लामाबाद में औपचारिक बातचीत की शुरुआत हुई
12 अप्रैल 2026 बातचीत पूरी तरह फेल हुई और नाकाबंदी का ऐलान हुआ