अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने तुर्की के अंकारा में हुए NATO समिट के दौरान ईरान को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने ऐलान किया कि अमेरिका ईरान के परमाणु प्रोग्राम को खत्म करने के लिए अब किसी समझौते का इंतज़ार नहीं करेगा और बिना डील के ही कदम उठा सकता है। यह बयान उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy के साथ मुलाकात के दौरान दिया।
ट्रंप ने ओबामा सरकार के समय हुई परमाणु डील (JCPOA) की कड़ी आलोचना की और इसे परमाणु कचरा डील बताया। ट्रंप का कहना था कि ईरान के नेता झूठ बोलते हैं और धोखा देते हैं, इसलिए बिना किसी डील के काम करना ज़्यादा आसान होगा। उन्होंने कहा कि पुरानी डील परमाणु हथियार बनाने का रास्ता थी, जबकि उनकी कोशिश इसे पूरी तरह रोकने की होगी।
समिट के दौरान ट्रंप ने यह भी साफ़ कर दिया कि ईरान के साथ 17 जून 2026 को हुआ 60 दिनों का युद्धविराम (ceasefire) अब खत्म हो गया है। उन्होंने ईरान के नेताओं के लिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि वे अब उनके साथ कोई बात नहीं करना चाहते और उनके नेतृत्व को गलत बताया।
NATO के महासचिव Mark Rutte ने ईरान पर किए गए अमेरिकी सैन्य हमलों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में व्यावसायिक जहाजों पर हमले के बाद यह कार्रवाई बिल्कुल ज़रूरी थी। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए।
दूसरी तरफ, ईरान के संसदीय स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका पर शांति समझौते को तोड़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरानी तेल की बिक्री पर फिर से पाबंदियां लगाकर और हमलों की धमकी देकर समझौते का उल्लंघन किया है।
