अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को चेतावनी दी है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों पर होने वाले हर एक हमले का बदला ईरान के किसी पुल या बिजली संयंत्र को नष्ट करके लिया जाएगा। 22 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया के जरिए दी गई इस धमकी में अमेरिका ने ईरान के निर्माणाधीन परमाणु स्थल Pickaxe Mountain को भी निशाना बनाने की बात कही है। यह तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है।

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लगातार हो रहे हैं हमले और बढ़ रहा है तनाव

अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य अड्डों पर लगातार 11वीं रात हमले किए हैं, जिसमें विमान हैंगर और ड्रोन भंडारण केंद्र शामिल हैं। जवाब में ईरान ने जॉर्डन के एक शहर पर मिसाइलें दागीं और खाड़ी देशों के ऊर्जा संयंत्रों व अलवणीकरण संयंत्रों (desalination plants) को अपना निशाना बनाया है। इस स्थिति के चलते बहरीन और सऊदी अरब में अलर्ट जारी किया गया है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 11 दिनों में अमेरिकी हमलों में 53 लोग मारे गए हैं और करीब 600 लोग घायल हुए हैं। अब तक कुल 18 अमेरिकी सैनिक इस संघर्ष में अपनी जान गंवा चुके हैं।

सीजफायर पर अभी भी असमंजस की स्थिति

अमेरिकी राष्ट्रपति फिलहाल या तो 10 दिन के युद्धविराम पर विचार कर रहे हैं या फिर इसराइल के साथ मिलकर ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाने की योजना बना रहे हैं। कतर, मिस्र और पाकिस्तान जैसे देश मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल दोनों पक्ष बातचीत के बजाय हमले करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि अगर ईरान अपने वादे पूरे करे, तो अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन समुद्र में आवाजाही को रोकने की ईरान की हरकतों को उन्होंने बहुत खतरनाक बताया है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव Antonio Guterres ने नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अस्वीकार्य बताया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com