अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर ईरान ने IAEA के परमाणु निरीक्षकों को अपने देश में आने से रोका, तो अमेरिका शांति वार्ता को पूरी तरह रद्द कर देगा। यह तनाव तब बढ़ा जब ईरान के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को अनुमति देने से इनकार कर दिया।

जून 2026 में स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच उच्च स्तरीय शांति वार्ता हुई थी। इस मीटिंग में पाकिस्तान और कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति J.D. Vance कर रहे थे। इस बैठक का मकसद एक व्यापक शांति समझौता करना और 60 दिनों का एक रोडमैप तैयार करना था।

इस मामले में दोनों देशों के बयानों में बड़ा अंतर देखा गया है:

  • अमेरिकी दावा: उपराष्ट्रपति J.D. Vance ने 21-22 जून 2026 को कहा था कि ईरान निरीक्षकों को वापस बुलाने के लिए मान गया है और यह एक बड़ी उपलब्धि है।
  • ईरान का जवाब: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने 22-23 जून को इन दावों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त परमाणु केंद्रों के निरीक्षण की कोई योजना नहीं है।

ईरान के इस इनकार के बाद राष्ट्रपति Trump ने Truth Social और पत्रकारों के जरिए अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा कि ईरान ने भविष्य के लिए उच्चतम स्तर के निरीक्षणों के लिए पूरी तरह सहमति जताई थी। Trump ने चेतावनी दी कि अगर यह सहमति नहीं है, तो आगे कोई बातचीत नहीं होगी और वे अभी भी मीटिंग्स रद्द कर सकते हैं।

यह पूरा विवाद उन परमाणु केंद्रों से जुड़ा है जो 2025 में अमेरिका और इजरायल के हमलों में क्षतिग्रस्त हुए थे। जून 2025 से ईरान ने वहां निरीक्षकों के जाने पर रोक लगा रखी है।

इस समझौते के अन्य पहलुओं में अमेरिका का ट्रेजरी विभाग ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल्स पर लगे प्रतिबंधों को 60 दिनों के लिए हटाने की तैयारी कर रहा था। वहीं, ईरान की शर्त थी कि लेबनान पर इजरायली हमले बंद होने चाहिए। फिलहाल दोनों देशों के बीच निरीक्षणों को लेकर जारी यह विवाद शांति प्रक्रिया के लिए बड़ी बाधा बना हुआ है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.