ईरान के कच्चे तेल निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र खारग आइलैंड (Kharg Island) इस समय वैश्विक तनाव का मुख्य हिस्सा बन गया है। 2 अप्रैल 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में रास्ता रोकना बंद नहीं किया, तो इस द्वीप के तेल ढांचे को पूरी तरह नष्ट किया जा सकता है। यह छोटा सा द्वीप ईरान के कुल तेल निर्यात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा संभालता है और वैश्विक बाजार के लिए बहुत जरूरी है।

क्यों खास है खारग आइलैंड और क्या है वर्तमान स्थिति?

खारग आइलैंड ईरान के तट से लगभग 25 से 55 किलोमीटर दूर फारस की खाड़ी में स्थित है। यह द्वीप मुख्य रूप से चीन जैसे एशियाई देशों को तेल भेजने के लिए ईरान का सबसे बड़ा टर्मिनल है। इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी ईरान की विशिष्ट सेना ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) के पास है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना के हजारों पैराट्रूपर्स मिडिल ईस्ट पहुंच चुके हैं और इस द्वीप पर नियंत्रण करने की योजना पर चर्चा हो रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इस द्वीप पर हमला होता है, तो दुनिया भर में तेल की कीमतें काफी ऊपर जा सकती हैं।

घटनाक्रम और ईरान की जवाबी कार्रवाई

ईरान ने संभावित हमले को देखते हुए अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है। वहां की संसद के स्पीकर मोहम्मद बकर कलीबाफ ने कहा है कि ईरान किसी भी हमले का कड़ा जवाब देने के लिए तैयार है। रूस ने भी इस तनाव के चलते अपने पेट्रोल निर्यात पर पाबंदी लगा दी है। नीचे दी गई टेबल में पिछले कुछ दिनों के मुख्य घटनाक्रम दिए गए हैं:

तारीख मुख्य अपडेट
2 अप्रैल 2026 डोनाल्ड ट्रंप ने द्वीप पर बमबारी करने और तेल संपदा पर कब्जे की धमकी दी।
1 अप्रैल 2026 रूस ने वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए पेट्रोल निर्यात पर बैन लगाया।
26 मार्च 2026 ईरान ने खारग आइलैंड पर माइंस बिछाने और अतिरिक्त सैनिक तैनात करने का काम शुरू किया।
14 मार्च 2026 विशेषज्ञों ने खारग आइलैंड को ईरान के तेल उद्योग का ‘दिल’ बताया।

ईरानी अधिकारियों का दावा है कि फिलहाल तेल का निर्यात जारी है और द्वीप पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के रास्ते फिलहाल बंद नजर आ रहे हैं क्योंकि ईरान का कहना है कि भरोसे का स्तर अभी शून्य है।