पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ अपनी धमकियों को तेज़ कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उन पर कोई हमला हुआ तो अमेरिका ईरान पर ऐसी बमबारी करेगा जो दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी होगी। यह पूरा विवाद ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei के अंतिम संस्कार के दौरान ट्रंप की हत्या की मांगों के बाद शुरू हुआ है।
Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर साफ कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम अब खत्म हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि 1000 मिसाइलें पूरी तरह तैयार हैं और ईरान की तरफ मोड़ी गई हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान की सरकार ने उनकी हत्या की धमकी पर अमल किया, तो हजारों और मिसाइलें दागी जाएंगी।
हत्या की साजिश और इजराइल की चेतावनी
बता दें कि 9 जुलाई को सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei के अंतिम संस्कार के दौरान भारी भीड़ जमा हुई थी। वहां मोहम्मद रसूली नाम के एक ईरानी कवि और कई अन्य लोगों ने खुलेआम Donald Trump की हत्या की मांग की। IRGC जनरल अब्दोर्रेज़ा हाजाती ने बताया कि ट्रंप की बातों ने ईरान के लोगों को उकसाया है और वहां ट्रंप को मारने के नारे लगे। इसी बीच इजराइल ने भी अमेरिका को जानकारी दी कि ईरान ट्रंप को मारने की साजिश रच रहा है, हालांकि अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने अभी इसकी पूरी पुष्टि नहीं की है।
समुद्री रास्तों पर विवाद
अमेरिका के बड़े अधिकारी चाहते हैं कि ईरान Strait of Hormuz (हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य) को जहाजों के लिए पूरी तरह खुला रखे और उनकी सुरक्षा की गारंटी दे। दूसरी तरफ ईरान के राजनयिकों का कहना है कि इस रास्ते पर सिर्फ ईरान का अधिकार है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को फीस देनी होगी।
बातचीत की कोशिशें
एक तरफ जहां ट्रंप ने युद्ध की चेतावनी दी है, वहीं अमेरिका ईरान की शांति वार्ता की मांग पर राजी हो गया है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि परमाणु समझौता होना अब मुश्किल है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिका पर नए प्रतिबंध लगाकर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
निजी तौर पर ईरान के कुछ अधिकारियों ने ट्रंप के सलाहकारों से कहा कि समुद्र में जहाजों पर हुए हमले एक गलती थी, जिसे कुछ कट्टरपंथी गुट ने किया था। फिलहाल Qatar और Pakistan अमेरिका और ईरान के बीच बीच-बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि मामला शांत हो सके।
