अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 14 जुलाई 2026 को ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि यदि कोई नया समझौता नहीं हुआ, तो अगले हफ्ते से ईरान के पावर प्लांट और पुलों को अमेरिकी हमलों का सामना करना पड़ेगा। राष्ट्रपति ने Fox News को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि वे ऊर्जा से जुड़े ठिकानों को अंतिम विकल्प के रूप में सुरक्षित रख रहे हैं।
सैन्य कार्रवाई और नौसैनिक नाकाबंदी
उसी दिन अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए हमले किए, जिसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर होने वाले हमलों को रोकना था। अमेरिकी CENTCOM ने शाम 4 बजे से ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों में नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी है। इन हमलों में Bushehr, Chah Bahar, Jask, Konarak, Abu Musa और Bandar Abbas के सैन्य ठिकाने शामिल हैं। गौरतलब है कि Bushehr में ईरान का एकमात्र नागरिक परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है। 7 जुलाई को ही राष्ट्रपति ने कांग्रेस को सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करने की जानकारी दी थी।
ईरान का पलटवार
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी, जिन्हें जॉर्डन के सुरक्षा बलों ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। इसके अलावा, तीन व्यावसायिक जहाजों और बहरीन पर भी हमले किए गए। IRGC ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका अपनी कार्रवाई नहीं रोकता है, तो इस क्षेत्र से तेल और गैस का निर्यात पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। तनाव के बावजूद Trump का कहना है कि अभी भी बातचीत के जरिए समाधान निकल सकता है, साथ ही उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में पैसे लेने के बजाय खाड़ी देशों के साथ निवेश सौदे करने की बात कही है।
