Donald Trump ने ईरान को एक बार फिर बड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि वे ईरान के पावर प्लांट्स को सिर्फ दो दिनों में तबाह कर सकते हैं. इस खबर के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है और दुनिया भर के बाजारों पर इसकी नजर है. इस मामले में सऊदी अरब के सोशल मीडिया हैंडल @SaudiNews50 ने भी जानकारी साझा की है.

Trump ने ईरान के खिलाफ क्या-क्या धमकी दी?

Donald Trump पिछले कुछ समय से ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की बातें कर रहे हैं. उनके द्वारा दिए गए बयानों की लिस्ट इस तरह है

  • 23 मार्च 2026: Trump ने 48 घंटे के भीतर पावर प्लांट्स को खत्म करने की धमकी दी थी.
  • 5 अप्रैल 2026: उन्होंने ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ का ऐलान किया और कहा कि अगर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज नहीं खुला तो ईरान को भारी नुकसान होगा.
  • 15 अप्रैल 2026: Fox Business को दिए इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ईरान के सभी पावर प्लांट्स को सिर्फ एक घंटे में तबाह कर सकता है.
  • 19 अप्रैल 2026: Trump ने Truth Social पर लिखा कि अगर ईरान उनकी डील नहीं मानता है तो अमेरिका हर पावर प्लांट और पुल को नष्ट कर देगा.

दुनिया के देशों और विशेषज्ञों का इस पर क्या कहना है?

इस तनावपूर्ण स्थिति पर अलग-अलग देशों और संस्थाओं ने अपनी राय रखी है. अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों ने कहा कि civilian पावर प्लांट्स पर हमला करना जिनेवा कन्वेंशन 1949 के नियमों के खिलाफ होगा और इसे युद्ध अपराध माना जा सकता है. इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के प्रमुख Fatih Birol ने चेतावनी दी कि इस युद्ध से तेल और गैस की सप्लाई रुकेगी जिससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को बड़ा खतरा होगा.

वहीं देशों की भूमिका इस प्रकार रही

  • सऊदी अरब: खबरों के मुताबिक क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने इस संघर्ष को एक ऐतिहासिक अवसर माना है.
  • चीन: चीन ने पर्दे के पीछे से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोलने में मदद करने की बात कही है.
  • पाकिस्तान: पाकिस्तान ने युद्ध रोकने और संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने के लिए बीच-बचाव की कोशिश की है.
  • ईरान: ईरान ने साफ कहा है कि अगर उनके ऊर्जा केंद्रों पर हमला हुआ तो वे अमेरिका और उसके साथियों के ऊर्जा और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएंगे.

Frequently Asked Questions (FAQs)

इस युद्ध से आम लोगों और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा?

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के अनुसार तेल और गैस की सप्लाई बाधित होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ा खतरा है. इससे दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं जिससे महंगाई बढ़ेगी.

ईरान ने अमेरिका की धमकियों पर क्या जवाब दिया है?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वे अमेरिका के ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और विलवणीकरण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएंगे. उन्होंने बातचीत के लिए हमले रोकने और मुआवजे की शर्त रखी है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.