अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के अहम ठिकानों पर हमले किए जा सकते हैं। 10 मई 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों पर हमले किए जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल मच गई है।
अमेरिका ने ईरान के किन ठिकानों पर हमला किया
अमेरिकी सेना ने 10 मई 2026 को ईरान के Qeshm port और Bandar Abbas पर हमले किए। ये दोनों जगहें Strait of Hormuz के पास स्थित हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यह हमला दो दिन पहले ईरान द्वारा UAE के Fujairah Port पर दागी गई 15 मिसाइलों का जवाब था। हालांकि, अमेरिका ने साफ किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि युद्ध फिर से शुरू हो गया है या ceasefire खत्म हो गया है।
शांति समझौते पर ट्रंप का क्या कहना है
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के जवाब का इंतज़ार कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बातचीत टूटी तो अमेरिका ईरान के तेल और आर्थिक ठिकानों को निशाना बना सकता है। इस मामले में Pakistan बीच-बचाव का काम कर रहा है। ईरान ने अपना जवाब पाकिस्तानी मध्यस्थों को भेज दिया है, लेकिन ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिकी नेतृत्व पर भरोसा जताने में हिचकिचाहट दिखाई है।
UAE, सऊदी और कतर पर क्या असर पड़ा
क्षेत्र में तनाव के कारण कई घटनाएं सामने आई हैं। कतर के पास एक जहाज पर ड्रोन से आग लगी और UAE व कुवैत की हवाई सीमा में भी ड्रोन घुसे। UAE ने इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, सऊदी अरब ने बातचीत के ज़रिए मामला सुलझाने का समर्थन किया है। कतर के प्रधानमंत्री ने मियामी में अमेरिकी अधिकारियों और Secretary of State Marco Rubio से मुलाकात कर युद्ध रोकने की कोशिश की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका ने युद्ध फिर से शुरू कर दिया है?
नहीं, अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बंदरगाहों पर हुए हमले युद्ध की दोबारा शुरुआत नहीं हैं और ceasefire अभी भी लागू है।
ईरान ने अमेरिका को क्या धमकी दी है?
ईरान के Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने कहा है कि अगर उनके तेल टैंकरों पर हमला हुआ तो वे मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर भारी हमला करेंगे।
