अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर एक बार फिर सख्त तेवर अपना लिए हैं। 27 जुलाई 2026 को उन्होंने ईरान पर बहुत मजबूत सैन्य कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। राष्ट्रपति ने साफ कहा है कि बातचीत या तो तेजी से होनी चाहिए या फिर बिल्कुल नहीं। उनके इस बयान ने मध्य पूर्व में जारी तनाव को और बढ़ा दिया है।
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बुनियादी ढांचे पर हमले का खतरा
राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के हमले जारी रहते हैं, तो अमेरिका उसके ब्रिज और पावर प्लांट जैसे बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा। 22 जुलाई को भी उन्होंने स्पष्ट किया था कि जहाजों पर होने वाले हर हमले के बदले अमेरिका ईरान की एक संपत्ति को नष्ट कर देगा। 15 जुलाई को भी उन्होंने इसी तरह की सैन्य कार्रवाई की योजना साझा की थी।
बातचीत और वर्तमान स्थिति
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने हालांकि सीधे तौर पर अमेरिका से बातचीत से इनकार किया है। लेकिन, Qatar और Pakistan जैसे देश इस मामले में मध्यस्थता कर रहे हैं और युद्धविराम के लिए कोशिशें जारी हैं। उधर, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव Antonio Guterres ने नागरिक ढांचे पर होने वाले हमलों को अस्वीकार्य बताया है।
आर्थिक और कूटनीतिक असर
अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth के अनुसार, इस युद्ध पर अब तक अमेरिका करीब 37.5 बिलियन डॉलर खर्च कर चुका है। 28 जुलाई को राष्ट्रपति Donald Trump की मुलाकात इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से तय थी, जिसमें उनका कहना था कि अमेरिका इस संघर्ष में मजबूती से आगे बढ़ रहा है और इजरायल की सुरक्षा अमेरिका की कार्रवाई पर निर्भर है।
