अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर अगले 60 दिनों में ईरान के साथ अंतिम समझौता नहीं हुआ, तो Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स लगाया जा सकता है। ट्रंप ने इस संभावित शुल्क को इस इलाके के लिए ‘गार्जियन एंजेल’ (रक्षक) के रूप में दी गई सेवाओं का भुगतान बताया है। यह रास्ता दुनिया के तेल निर्यात के लिए बेहद जरूरी है, इसलिए इस खबर का असर ग्लोबल मार्केट पर पड़ सकता है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के शुरुआती समझौते (MOU) के मुताबिक, 60 दिनों तक जहाजों का आना-जाना फ्री रहेगा। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह समय खत्म होने तक डील पूरी नहीं हुई, तो अमेरिका खुद टोल वसूल करेगा।

दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने 16 जून को कहा था कि वे टोल नहीं बल्कि ‘मैरीटाइम सर्विस फीस’ लेंगे। ईरान का दावा है कि यह पैसा जहाजों की नेविगेशन मदद, इंश्योरेंस और पर्यावरण की सुरक्षा के खर्चों को पूरा करने के लिए होगा, जिसे वे ओमान के साथ मिलकर मैनेज कर रहे हैं।

हालांकि, अमेरिका ने ईरान द्वारा शुल्क वसूलने का कड़ा विरोध किया है। ट्रंप ने मई 2026 में कहा था कि अगर टोल सिस्टम लागू हुआ तो डील करना नामुमकिन होगा। अमेरिकी ट्रेजरी ने भी 1 मई को चेतावनी दी थी कि ईरान को ऐसा कोई भुगतान करना मना है और ऐसा करने वाली शिपिंग कंपनियों पर प्रतिबंध लग सकते हैं।

शनिवार, 20 जून को ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया कि उन्होंने Strait of Hormuz को बंद कर दिया है। ईरान ने इसका कारण अमेरिका द्वारा युद्धविराम की शर्तों को तोड़ना और इसराइल के लेबनान हमलों को बताया। लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता Captain Tim Hawkins ने इस दावे को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान का इस रास्ते पर कंट्रोल नहीं है और 55 जहाज करीब 1.7 करोड़ बैरल तेल लेकर वहां से सामान्य रूप से गुजरे हैं। उपराष्ट्रपति JD Vance ने भी रास्ता बंद होने की बात से इनकार किया है।

इस तनाव के बीच अब स्विट्जरलैंड में बातचीत की तैयारी है। कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में तकनीकी स्तर की ये चर्चाएं रविवार, 21 जून 2026 से शुरू होंगी। उपराष्ट्रपति JD Vance ने पुष्टि की है कि वे भी इन बातचीत में शामिल होंगे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.