अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump एक बार फिर NATO गठबंधन को छोड़ने की बात कर रहे हैं। उनका कहना है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इसराइल की जंग में उनके साथी देश उनका साथ नहीं दे रहे हैं। इस खबर के बाद से पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि क्या अमेरिका सच में इस संगठन से बाहर निकल पाएगा।

Trump क्यों छोड़ना चाहते हैं NATO

Donald Trump का कहना है कि NATO के सदस्य देश अपनी रक्षा पर पूरा खर्च नहीं कर रहे हैं। उन्होंने 1 अप्रैल 2026 को यह साफ किया था कि वह संगठन से बाहर निकलने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। उनका गुस्सा इस बात पर है कि ईरान ने Strait of Hormuz को बंद कर दिया और साथी देशों ने उसे फिर से खोलने में कोई खास मदद नहीं की।

क्या कानूनी रूप से बाहर निकलना मुमकिन है

NATO के आर्टिकल 13 के मुताबिक किसी भी देश को बाहर निकलने के लिए एक साल पहले नोटिस देना पड़ता है। लेकिन अमेरिका में एक कानून है जिसे 2023 में पास किया गया था। इस कानून के मुताबिक राष्ट्रपति अकेले फैसला नहीं ले सकते। उन्हें सीनेट की मंजूरी या कांग्रेस के जरिए नया कानून लाना होगा, तभी अमेरिका बाहर जा सकेगा।

मुख्य लोगों के बयान और स्थिति

नाम कथन या भूमिका
Donald Trump NATO को कागजी शेर बताया और नाराजगी जाहिर की
Marco Rubio कहा कि रक्षा अधिकार एकतरफा नहीं होने चाहिए
Chuck Schumer साफ किया कि सीनेट बाहर निकलने के लिए वोट नहीं करेगा
Matthew Whitaker बताया कि राष्ट्रपति सभी विकल्पों की जांच कर रहे हैं
Mark Rutte साथी देशों से Strait of Hormuz की सुरक्षा के लिए अपील की
Ian Bremmer कहा कि बिना सीनेट की सहमति के बाहर जाना गैरकानूनी होगा
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.