अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने यूरोपीय सहयोगियों को बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने इटली, स्पेन और जर्मनी से अमेरिकी सेना की तैनाती कम करने का संकेत दिया है। ट्रंप का कहना है कि ईरान के खिलाफ युद्ध में ये देश अमेरिका का साथ नहीं दे रहे हैं। इस वजह से अब वाशिंगटन और यूरोपीय देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है।
ट्रंप क्यों हटाना चाहते हैं इटली और स्पेन से सेना?
राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि इटली और स्पेन ईरान युद्ध में अमेरिका की कोई मदद नहीं कर रहे हैं। उन्होंने स्पेन को “बिल्कुल भयानक” बताया क्योंकि वहां के बेस का इस्तेमाल ईरान पर हमलों के लिए नहीं करने दिया गया। ट्रंप ने यह भी कहा कि Strait of Hormuz को फिर से खोलने में इन देशों ने कोई साथ नहीं दिया। Defense Secretary Pete Hegseth ने साफ किया है कि जो साथी देश साथ नहीं देंगे, उन्हें इसके नतीजे भुगतने होंगे।
कितने सैनिक प्रभावित होंगे और जर्मनी का क्या हाल है?
दिसंबर 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, अलग-अलग देशों में अमेरिकी सैनिकों की संख्या इस प्रकार थी:
- Germany: 36,436 सैनिक
- Italy: 12,662 सैनिक
- Spain: 3,814 सैनिक
ट्रंप ने जर्मनी में भी सैनिकों की कटौती की समीक्षा करने की बात कही है। जर्मन Chancellor Friedrich Merz ने अमेरिका की रणनीति की आलोचना की और कहा कि ईरान युद्ध में रणनीति की कमी रही है। जवाब में ट्रंप ने Merz पर आरोप लगाया कि वे ईरान को परमाणु हथियार रखने देने के पक्ष में हैं।
NATO विवाद और स्पेन पर व्यापार प्रतिबंध का खतरा
यह पूरा विवाद NATO देशों के बीच रक्षा खर्च को लेकर भी है। नियम के मुताबिक, सदस्य देशों को अपनी GDP का 2% रक्षा पर खर्च करना होता है। ट्रंप का मानना है कि सहयोगी देश अपना बोझ नहीं उठा रहे हैं। इसी तनाव के बीच, ट्रंप ने अप्रैल 2026 की शुरुआत में स्पेन पर पूर्ण व्यापार प्रतिबंध (Trade Embargo) लगाने की धमकी भी दी थी क्योंकि स्पेन ने ईरान मिशन के लिए बेस देने से मना कर दिया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान युद्ध कब शुरू हुआ और अभी क्या स्थिति है?
अमेरिका और इसराइल के बीच ईरान के खिलाफ हवाई युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और मई 2026 तक यह अपने आठवें हफ्ते में पहुंच चुका है।
ट्रंप ने स्पेन के खिलाफ क्या कड़ी कार्रवाई की धमकी दी?
स्पेन द्वारा अमेरिकी बेस के इस्तेमाल से इनकार करने के बाद, ट्रंप ने अप्रैल 2026 में स्पेन पर पूर्ण व्यापार प्रतिबंध (Trade Embargo) लगाने की धमकी दी थी।