अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने यूरोप के अपने साथियों को बड़ा झटका दिया है. उन्होंने जर्मनी से सेना हटाने का ऐलान किया और अब इटली और स्पेन में भी अमेरिकी फौज कम करने की बात कह रहे हैं. यह पूरा विवाद ईरान के साथ चल रहे युद्ध और वहां के नेताओं से मतभेदों की वजह से शुरू हुआ है.
जर्मनी से सेना हटाने का क्या मामला है?
Pentagon ने 1 मई 2026 को आधिकारिक तौर पर बताया कि जर्मनी से 5,000 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाया जाएगा. यह प्रक्रिया अगले 6 से 12 महीनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी. इस फैसले के पीछे जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz और राष्ट्रपति Trump के बीच हुई बहस है. Merz ने ईरान युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका की रणनीति की आलोचना की थी, जिससे Trump नाराज हो गए.
इटली और स्पेन को ट्रंप ने क्यों निशाने पर लिया?
जर्मनी के बाद अब Trump ने इटली और स्पेन में भी सैनिकों की संख्या कम करने की धमकी दी है. Trump का कहना है कि इटली ने उनकी कोई मदद नहीं की और स्पेन का रवैया बहुत बुरा रहा है. स्पेन के प्रधानमंत्री Pedro Sánchez ने ईरान पर हमलों से जुड़े मिशनों के लिए अपने सैन्य बेस और हवाई क्षेत्र (airspace) का इस्तेमाल करने से साफ मना कर दिया है. इसी वजह से ट्रंप अब वहां तैनात फौज को घटाने पर विचार कर रहे हैं.
ईरान युद्ध और NATO देशों के बीच तनाव क्यों बढ़ा?
इस पूरे विवाद की जड़ 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ ईरान के खिलाफ अमेरिका और इसराइल का हवाई युद्ध है, जिसकी वजह से Strait of Hormuz बंद हो गया था. राष्ट्रपति Trump चाहते थे कि NATO सहयोगी देश इस समुद्री रास्ते को खोलने के लिए नौसेना की मदद करें. जब कई यूरोपीय देशों ने इसमें सहयोग नहीं किया, तो ट्रंप ने उन्हें खरी-खोटी सुनाई और अब सैन्य कटौती की बात कर रहे हैं.
Frequently Asked Questions (FAQs)
जर्मनी से कितने अमेरिकी सैनिक हटाए जाएंगे?
Pentagon के अनुसार जर्मनी से 5,000 सैनिकों को वापस बुलाया जाएगा, जिसमें एक ब्रिगेड कॉम्बैट टीम शामिल होगी.
स्पेन ने अमेरिका की मदद करने से क्यों मना किया?
स्पेन के प्रधानमंत्री Pedro Sánchez ईरान पर अमेरिकी-इजराइली हमलों के खिलाफ हैं और उन्होंने अपने बेस का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी है.