Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि अगर शांति समझौता नाकाम हुआ, तो अमेरिका इस समुद्री रास्ते पर टोल टैक्स वसूल सकता है। वहीं ईरान ने इस रास्ते को बंद करने का दावा किया है जिससे पूरी दुनिया की चिंता बढ़ गई है।
20 जून 2026 को President Trump ने Truth Social पर एक पोस्ट लिखा। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हुए नए शांति समझौते के 60 दिनों के युद्धविराम (ceasefire) के दौरान कोई टोल नहीं लिया जाएगा। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आखिरी समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका इस रास्ते पर टोल टैक्स लगाएगा। ट्रंप ने इसे मिडिल ईस्ट के देशों के लिए ‘Guardian Angel’ के तौर पर दी गई सेवाओं का खर्च बताया है।
इसी दिन ईरान की joint military command ने ऐलान किया कि उन्होंने Strait of Hormuz को बंद कर दिया है। ईरान ने इसके पीछे लेबनान पर इसराइल के हमलों और अमेरिका द्वारा युद्धविराम की शर्तों को तोड़ने का हवाला दिया।
ईरान के इस दावे को अमेरिका ने सिरे से खारिज कर दिया। Vice President JD Vance और U.S. Central Command (CENTCOM) ने कहा कि समुद्री रास्ता खुला है और जहाजों की आवाजाही सामान्य है। CENTCOM के प्रवक्ता Captain Tim Hawkins ने साफ कहा कि ईरान का Strait of Hormuz पर कोई नियंत्रण नहीं है और अमेरिकी सेना वहां निगरानी कर रही है।
तनाव के बीच 21 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत फिर शुरू होनी तय हुई। इस बातचीत में Pakistan और Qatar मध्यस्थ (mediators) की भूमिका निभा रहे हैं।
इससे पहले 19 जून 2026 को ईरान की Persian Gulf Strait Authority (PGSA) ने नए नियम जारी किए थे। अब जहाजों को रास्ता पार करने के लिए परमिट लेना होगा, तय किए गए रास्तों का पालन करना होगा और PGSA से मंजूर इंश्योरेंस रखना होगा। यह कदम ईरान द्वारा इस समुद्री रास्ते पर अपना कंट्रोल बढ़ाने की कोशिश माना जा रहा है।
बता दें कि जून की शुरुआत में अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता (MOU) हुआ था, जिसमें 60 दिनों के लिए इस रास्ते को टोल-फ्री और खुला रखने की बात कही गई थी।
