Strait of Hormuz पर अमेरिका का कुल नियंत्रण, ट्रम्प की चेतावनी के बाद ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ा तनाव.

Sushma Kumari12 August 20262 min read74 viewsWorld
Strait of Hormuz पर अमेरिका का कुल नियंत्रण, ट्रम्प की चेतावनी के बाद ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ा तनाव.

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz पर पूरी तरह से अपना नियंत्रण होने का दावा किया है। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा है कि इस रास्ते पर अमेरिका का कब्जा है और तेहरान को किसी भी तरह की भड़काऊ कार्रवाई करने से दूर रहना चाहिए। इस बीच, खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और लगातार हमलों के कारण हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं, जिसका असर वहां रहने वाले प्रवासियों और आम लोगों की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है।

ट्रम्प की चेतावनी और अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई

August 10-12, 2026 के दौरान दिए गए अपने बयानों में अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ किया कि यदि ईरान ने कुछ भी गलत किया, तो उसे भारी परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने ईरान के प्रभाव को खारिज करते हुए उन पर लगातार झूठ बोलने का आरोप लगाया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने पूरे जलडमरूमध्य में माइंस साफ कर दिए हैं और वहां शत-प्रतिशत नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News पर जा सकते हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने हाल ही में एक बड़ी घटना की जानकारी दी थी। अमेरिकी नौसेना के एक एमएच-60 हेलीकॉप्टर ने पनामा के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज M/V Vela Nova पर गोलीबारी की थी और उसे रोक दिया था। यह जहाज ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था। CENTCOM के अनुसार, July 14 को नाकाबंदी फिर से शुरू होने के बाद से अब तक 55 जहाजों को दूसरी दिशा में भेजा जा चुका है और दो अन्य जहाजों पर कार्रवाई की गई है।

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ईरान का कड़ा रुख और क्षेत्रीय हालात

अमेरिका के इन दावों का ईरान ने कड़ा विरोध किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baqaei ने पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों को अन्यायपूर्ण बताया और क्षेत्रीय अशांति के लिए अमेरिका और इस्राइल की आक्रामकता को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ऐतिहासिक रूप से February 28, 2026 तक खुला रहा था। इसके अलावा, ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार Mohammad Mokhber ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका अपने वादों को तोड़ता है, तो हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने घोषणा की है कि अमेरिकी हरकतों और बंदरगाहों की नौका नाकाबंदी के कारण उन्होंने इस जलमार्ग को फिर से बंद कर दिया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मदब जलडमरूमध्य में लगातार हो रहे कमर्शियल जहाजों पर हमलों के बीच कुछ कूटनीतिक हलचल भी देखने को मिल रही है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने संकेत दिया है कि इन खुली दुश्मनों के बावजूद अमेरिका और ईरान किसी तरह के शांति समझौते या व्यवस्था के करीब पहुंच रहे हैं। इन तमाम अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और व्यापारियों की भी पैनी नजर है, क्योंकि इस समुद्री रास्ते के बंद होने से व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है।

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