अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इजराइल सरकार को एक हफ्ते के भीतर मौजूदा युद्ध को खत्म करने का सख्त अल्टीमेटम दिया है। SaudiNews50 और इजरायली मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प का मानना है कि यह सैन्य अभियान अब लगभग पूरा हो चुका है और अब हमला करने के लिए कुछ खास नहीं बचा है। इस युद्ध का सीधा असर पूरे मिडिल ईस्ट पर पड़ रहा है, जहां यूएई और इजराइल जैसे देशों में मिसाइल हमलों का खतरा मंडरा रहा है। ट्रम्प अब जल्द से जल्द युद्ध को रोककर देश के आर्थिक मुद्दों पर ध्यान देना चाहते हैं।

इजराइल ने ट्रम्प के अल्टीमेटम पर क्या कहा?

इजराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने ट्रम्प की इस समय सीमा को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका सैन्य अभियान बिना किसी समय सीमा के तब तक जारी रहेगा, जब तक उनके सारे रणनीतिक लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu भी इस बात पर अड़े हैं कि उनका मुख्य मकसद ईरान के नए नेता Mojtaba Khamenei के शासन की ताकत को पूरी तरह से खत्म करना है। इजरायल के अधिकारियों का तर्क है कि अगर युद्ध को बीच में ही रोक दिया गया, तो ईरान का मिसाइल और परमाणु खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होगा।

मिडिल ईस्ट में रहने वाले प्रवासियों पर इसका क्या असर है?

यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और तब से इसका असर पूरे गल्फ क्षेत्र में देखा जा रहा है। इस तनाव की वजह से लेबनान से लगभग 3 लाख लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। इसके अलावा 12 मार्च 2026 तक अमेरिकी विदेश विभाग को मिडिल ईस्ट में रह रहे करीब 10 लाख अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित निकालने का प्लान भी पेश करना है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है। यूएई जैसे देशों में मिसाइल हमलों की खबरों से वहां रहने वाले आम लोगों और अक्सर यात्रा करने वाले प्रवासियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.