अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के हालात और भी गंभीर हो गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को मंगलवार, 7 अप्रैल की रात 8 बजे तक का आखिरी समय दिया है कि वह Strait of Hormuz के रास्ते को फिर से खोल दे। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ऐसा नहीं करता है, तो अमेरिका ईरान के पुलों और बिजली घरों जैसे नागरिक ढांचों पर हमला करेगा। फिलहाल ईरान की ओर से दिया गया सीजफायर का प्रस्ताव अमेरिका ने खारिज कर दिया है और उसे नाकाफी बताया है।

📰: Donald Trump ने दी चेतावनी, Strait of Hormuz में जहाजों से अब अमेरिका वसूलेगा टोल टैक्स, ईरान पर हमले का अल्टीमेटम.

ट्रंप की आखिरी चेतावनी में क्या है खास?

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि अमेरिका और ईरान इस वक्त बातचीत के बहुत ही नाजुक मोड़ पर हैं। ट्रंप ने साफ शब्दों में धमकी दी है कि अगर बात नहीं बनी, तो ईरान के हर पावर प्लांट और पुलों को मात्र चार घंटे के भीतर तबाह कर दिया जाएगा। इससे पहले भी ट्रंप ने कई बार समय सीमा दी थी, लेकिन इस बार का अल्टीमेटम काफी सख्त माना जा रहा है। अमेरिका का कहना है कि उसे अब और ठोस कदम चाहिए और वे पीछे नहीं हटेंगे।

ईरान और अन्य देशों का इस पर क्या रुख है?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका की इन शर्तों को पूरी तरह से ठुकरा दिया है। प्रवक्ता Esmail Baghaei ने कहा कि अमेरिका की मांगें बहुत ज्यादा और बेतुकी हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर ने भी संकेत दिया है कि वे समुद्री रास्तों पर हमले जारी रख सकते हैं। इस बीच पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे देश दोनों देशों के बीच शांति कराने की कोशिश में जुटे हुए हैं। पूरी दुनिया की तेल कंपनियां भी इस तनाव की वजह से डरी हुई हैं और कीमतों में बड़े बदलाव की आशंका है।

हालिया घटनाक्रम पर एक नज़र

तारीख बड़ा अपडेट
2 अप्रैल ईरान ने अमेरिकी F-15E विमान को मार गिराया
4 अप्रैल ट्रंप ने 48 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया था
6 अप्रैल ट्रंप ने ईरान के सीजफायर प्रस्ताव को गलत बताया
7 अप्रैल Strait of Hormuz खोलने की आखिरी डेडलाइन