अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रविवार, 19 जुलाई 2026 को रिपब्लिकन नेताओं से रूस के खिलाफ चल रहे प्रतिबंधों के विधेयक में ईरान को भी शामिल करने की अपील की है। इस रणनीतिक कदम का उद्देश्य रूस पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों के दायरे को और अधिक बढ़ाना है। यह विधेयक जिसे Sanctioning Russia Act of 2025/2026 कहा जा रहा है, पिछले करीब दो सालों से चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्रतिबंधों का असर और नई रणनीति
यह विधेयक 60 पन्नों से भी अधिक लंबा है और यदि यह पास होता है, तो रूस के राजनीतिक नेताओं, सैन्य अधिकारियों, सरकारी कंपनियों और वित्तीय संस्थानों पर कड़े प्रतिबंध लागू होंगे। इसके तहत रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाने का प्रावधान भी है। हालांकि, संशोधित ड्राफ्ट में उन देशों को राहत देने की योजना है जो रूस से अपनी गैस जरूरतों का 15% से कम आयात करते हैं।
ईरान परTreasury Department की कार्रवाई
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने हाल ही में 15 जुलाई 2026 को ईरान, रूस, इटली और नाइजीरिया से जुड़े कई लोगों और कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने स्पष्ट किया कि इन कदमों का लक्ष्य ईरान को सैन्य संसाधनों से वंचित करना है। इन प्रतिबंधों में Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) और Nika Jet Company जैसे नाम शामिल हैं, जिनका उद्देश्य ईरान की हथियार खरीद की नेटवर्क को तोड़ना है। अब सरकार इसी नीति को कानून के जरिए और मजबूत करने की तैयारी कर रही है।
