अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एलान किया कि उनकी सेना ने Strait of Hormuz में रास्ता रोकने वाली ईरान की 7 छोटी नावों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। यह बड़ी कार्रवाई तब हुई जब अमेरिका ने कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा के लिए Project Freedom नाम का मिशन शुरू किया था।

अमेरिका ने कैसे किया ईरान की नावों पर हमला और क्या हुआ?

राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने उन नावों को मार गिराया जिन्होंने समुद्री रास्ते में बाधा डाली थी। US Central Command (CENTCOM) के कमांडर Admiral Brad Cooper ने पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने 6 ईरानी छोटी नावों को तबाह किया और ईरान की तरफ से दागे गए क्रूज मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट किया। इस सैन्य ऑपरेशन में Apache और SH-60 Seahawk हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया। वहीं US Treasury Secretary Scott Bessent ने दावा किया कि अब इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर अमेरिका का पूरा कंट्रोल है।

Project Freedom क्या है और ईरान का क्या कहना है?

अमेरिका ने 3 मई 2026 को Project Freedom की घोषणा की थी, जिसे 4 मई से लागू किया गया। इस मिशन का मुख्य मकसद Strait of Hormuz में फंसे सैकड़ों व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना है। अब तक दो अमेरिकी झंडे वाले कमर्शियल जहाज इस मिशन की मदद से वहां से सफलतापूर्वक गुजर चुके हैं। दूसरी तरफ, ईरान की सरकारी मीडिया और सैन्य अधिकारियों ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान ने कहा कि किसी भी कमर्शियल जहाज ने वहां से पार करने में कामयाबी नहीं पाई और विदेशी सेनाओं को चेतावनी दी कि अगर वे इस रास्ते में घुसे तो उन पर हमले होंगे।

UAE और दक्षिण कोरियाई जहाज पर हमले का असर

इस तनाव के बीच ईरान ने UAE की सीमा और वहां मौजूद जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, एक दक्षिण कोरियाई कार्गो जहाज को भी ईरान के हमलों में नुकसान पहुँचा है, जिसके बाद राष्ट्रपति Trump ने दक्षिण कोरिया को Project Freedom मिशन में शामिल होने का सुझाव दिया। इन ताजा हमलों की वजह से 8 अप्रैल 2026 से लागू युद्धविराम अब खतरे में पड़ गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Project Freedom क्या है?

यह अमेरिका द्वारा शुरू की गई एक पहल है, जिसका मकसद Strait of Hormuz में फंसे हुए सैकड़ों कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना और उनकी सुरक्षा करना है।

ईरान ने अमेरिकी दावों पर क्या प्रतिक्रिया दी?

ईरान ने नावों के डूबने की खबरों को गलत बताया है और यह दावा किया है कि कोई भी कमर्शियल जहाज वहां से नहीं गुजरा। ईरान ने विदेशी सेनाओं को हमले की चेतावनी भी दी है।