अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कर दिया है कि ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रहेगी जब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो जाता। ट्रंप का मानना है कि इस दबाव से ईरान को बातचीत की मेज पर लाया जा सकेगा और उन्होंने अगले दो हफ्तों में पूरी जीत का दावा किया है।
अमेरिकी नाकेबंदी और सैन्य कार्रवाई का क्या असर हुआ?
अमेरिकी सेना ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी शुरू की थी। इस दौरान कई जहाजों को चेतावनी दी गई कि अगर वे नियमों का पालन नहीं करेंगे तो उन पर हमला किया जा सकता है। हाल ही में 9 जून 2026 को अमेरिकी सेना ने Palau झंडे वाले एक तेल टैंकर M/T Marivex को नष्ट कर दिया क्योंकि उसने निर्देशों को नहीं माना था।
- सैन्य हमला: USS Abraham Lincoln के एक F/A-18 सुपर हॉर्नेट विमान ने टैंकर के इंजन और स्टीयरिंग हिस्से पर हमला किया।
- जहाजों की संख्या: अब तक कुल 7 जहाजों को सैन्य कार्रवाई के जरिए रोका गया है।
- राहत कार्य: अमेरिका ने अब तक 134 जहाजों का रास्ता बदला और 42 मानवीय सहायता जहाजों को जाने दिया।
ईरान की अर्थव्यवस्था और तेल निर्यात पर क्या प्रभाव पड़ा?
इस नाकेबंदी की वजह से ईरान की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है। समुद्री रास्ते से होने वाले तेल निर्यात में भारी कमी आई है।
| विवरण | आंकड़े/तारीख |
|---|---|
| नाकेबंदी की शुरुआत | 13 अप्रैल 2026 |
| मई में तेल निर्यात की गिरावट | 93 प्रतिशत |
| रोके गए कुल जहाज | 134 |
| नष्ट किए गए जहाज | 7 |
| मानवीय सहायता जहाज | 42 |
ईरान और अन्य देशों के नेताओं ने क्या कहा?
ईरान के संसदीय स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने इस नाकेबंदी को एक युद्ध अपराध बताया है। उन्होंने कहा कि इससे विश्वास खत्म हुआ है और अमेरिका वास्तव में बातचीत नहीं करना चाहता। वहीं ईरान के IRGC कमांडर Esmail Qaani ने एक नया सुरक्षा कॉरिडोर बनाने की योजना बनाई है जो हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से बाब अल-मंडेब तक फैला होगा।
दूसरी ओर अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने भरोसा जताया है कि तेहरान अब जरूरी प्रस्ताव दे रहा है और जल्द ही एक बड़ा समझौता हो सकता है। हालांकि विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ किया है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलने के बदले में अमेरिका किसी भी तरह की पाबंदियों में ढील नहीं देगा। वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कब से शुरू की?
अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी 13 अप्रैल 2026 से शुरू की है और यह तब तक जारी रहेगी जब तक अंतिम समझौता नहीं हो जाता।
नाकेबंदी के बाद ईरान के तेल निर्यात में कितनी कमी आई?
मई 2026 के आंकड़ों के अनुसार ईरान का समुद्री तेल निर्यात 93 प्रतिशत तक गिर गया है।
