अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Germany में तैनात अपने सैनिकों की संख्या को और कम करने का फैसला किया है। पहले Pentagon ने 5,000 सैनिकों को वापस बुलाने की बात कही थी, लेकिन अब Trump ने साफ कर दिया है कि यह कटौती उससे कहीं ज़्यादा होगी। यह फैसला पूरी दुनिया के लिए चौंकाने वाला है क्योंकि इससे यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
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Trump ने सैनिकों की कटौती पर क्या कहा?
3 मई 2026 को Florida में पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति Donald Trump ने बताया कि Germany में अमेरिकी सैनिकों की संख्या में भारी कमी की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कटौती सिर्फ 5,000 सैनिकों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि इससे बहुत ज़्यादा होगी। इससे पहले 2 मई 2026 को Pentagon ने लगभग 5,000 सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला लिया था। यह पूरी प्रक्रिया अगले 6 से 12 महीनों के अंदर पूरी कर ली जाएगी।
इस फैसले का असर और अन्य देशों की प्रतिक्रिया
Germany के रक्षा मंत्री Boris Pistorius ने इस फैसले को अपेक्षित बताया है। उन्होंने कहा कि अब यूरोप को अपनी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी खुद ज़्यादा लेनी होगी। वहीं, अमेरिका में रिपब्लिकन सांसद Roger Wicker और Mike Rogers ने इस पर चिंता जताई है। उनका मानना है कि इस कदम से रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin को गलत संदेश जा सकता है। इसके अलावा, Biden सरकार द्वारा Germany में Tomahawk मिसाइलें तैनात करने का पुराना प्रस्ताव भी अब खत्म कर दिया गया है।
विवाद की वजह और व्यापारिक तनाव
यह फैसला Trump और Germany के चांसलर Friedrich Merz के बीच बढ़ते मतभेदों के कारण आया है। दोनों के बीच “Iran war” और ट्रेड टैरिफ को लेकर काफी विवाद चल रहा है। Trump ने यूरोपीय संघ (EU) से आने वाली कारों और ट्रकों पर टैरिफ बढ़ाकर 25% कर दिया है। दिसंबर 2025 तक Germany में 35,000 से 40,000 अमेरिकी सैनिक तैनात थे। Trump ने 2020 में भी ऐसी कोशिश की थी, लेकिन तब Biden ने उसे बदल दिया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Germany से कितने अमेरिकी सैनिक हटाए जाएंगे?
Pentagon ने पहले 5,000 सैनिकों को हटाने का ऐलान किया था, लेकिन राष्ट्रपति Trump ने कहा है कि यह संख्या 5,000 से कहीं ज़्यादा होगी।
इस फैसले से सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा?
रिपब्लिकन सांसदों का मानना है कि इससे पुतिन को गलत संकेत मिलेगा, जबकि जर्मनी के रक्षा मंत्री ने कहा है कि अब यूरोप को अपनी सुरक्षा खुद संभालनी होगी।