अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बयान दिया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को अभी और समय तक जारी रखेंगे। सरकार का मानना है कि इस अभियान को लंबा खींचना जरूरी है ताकि आने वाले समय में फिर से ऐसी जंग न लड़नी पड़े। इस समय अमेरिका ईरान के परमाणु अड्डों और मिसाइल ठिकानों को निशाना बना रहा है ताकि उनकी सैन्य शक्ति को पूरी तरह कम किया जा सके। खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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अमेरिका और ईरान के बीच अभी क्या हालात हैं?

राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को 10 दिनों के लिए टाल दिया है, जो अब 6 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के प्रॉक्सी समूहों को क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने से रोकना चाहता है। शांति वार्ता की कोशिशें भी चल रही हैं जिसका नेतृत्व जेडी वेंस और मार्को रूबियो कर रहे हैं, लेकिन तेहरान ने अभी किसी भी तरह की बातचीत से इनकार किया है। इस तनाव की वजह से ग्लोबल मार्केट और महंगाई पर भी काफी बुरा असर पड़ रहा है।

युद्ध से जुड़े कुछ मुख्य तथ्य और आंकड़े

इस पूरे मामले से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारियां नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती हैं:

मुख्य बिंदु विवरण
ऑपरेशन का नाम Operation Epic Fury
अगली समय सीमा 6 अप्रैल 2026 तक हमलों पर आंशिक रोक
महंगाई दर का अनुमान OECD ने 4.2 प्रतिशत महंगाई की आशंका जताई
नागरिक नुकसान 82,000 से ज्यादा इमारतों को नुकसान पहुंचने का अनुमान
प्रमुख वार्ताकार JD Vance और Marco Rubio

अमेरिकी विदेश नीति के जानकारों का कहना है कि इजरायल इस सैन्य कार्रवाई में अमेरिका का मुख्य साथी बना हुआ है। दूसरी तरफ सऊदी अरब के मीडिया संस्थानों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिका ईरान के खतरे को खत्म करने की योजना बना रहा है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और सैन्य हमलों में सावधानी बरतने की अपील की है। फिलहाल ट्रंप प्रशासन का रुख कड़ा बना हुआ है और वे ईरान से ठोस आश्वासन की मांग कर रहे हैं।