US President Donald Trump ने चीन की तीन दिन की यात्रा पूरी कर ली है। 12 मई से 15 मई 2026 तक चली इस यात्रा में उन्होंने चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping से मुलाकात की। इस बैठक में व्यापार, ताइवान के हालात और ईरान में चल रहे युद्ध जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई।

व्यापार समझौतों में क्या तय हुआ?

President Trump ने बताया कि चीन ने 200 Boeing हवाई जहाज और अरबों डॉलर के अमेरिकी खेती के उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है। व्यापार को और आसान बनाने के लिए ‘Board of Trade’ और ‘Board of Investment’ बनाने का फैसला लिया गया है। US Treasury Secretary Scott Bessent ने बताया कि गैर-संवेदनशील क्षेत्रों में निवेश की निगरानी के लिए एक बोर्ड बनाया जाएगा। साथ ही दोनों देश एक-दूसरे पर लगने वाले टैक्स को कम करने के ढांचे पर भी काम करेंगे।

ताइवान और ईरान युद्ध पर क्या रही चर्चा?

  • ताइवान मुद्दा: राष्ट्रपति Xi Jinping ने ताइवान को चीन-अमेरिका संबंधों का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बताया और चेतावनी दी कि किसी भी टकराव से बचने के लिए सावधानी बरतनी होगी। हालांकि, US Secretary of State Marco Rubio ने कहा कि ताइवान पर अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
  • ईरान युद्ध: दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि Strait of Hormuz को खुला रखना जरूरी है और ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। राष्ट्रपति Xi ने ईरान को सैन्य उपकरण न देने का वादा किया।
  • चीन का नजरिया: चीन के विदेश मंत्रालय ने ईरान युद्ध पर निराशा जताई और कहा कि यह युद्ध नहीं होना चाहिए था और अब इसे खत्म होना चाहिए।

यात्रा में कौन-कौन शामिल था?

इस यात्रा में सिर्फ सरकारी अधिकारी ही नहीं, बल्कि दुनिया की बड़ी कंपनियों के मालिक भी शामिल थे। Trump के साथ Apple, Nvidia, BlackRock और Goldman Sachs जैसी दिग्गज कंपनियों के CEOs का एक प्रतिनिधिमंडल भी चीन गया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Trump की चीन यात्रा के दौरान व्यापार में क्या बड़ी डील हुई?

चीन ने 200 Boeing विमान और अरबों डॉलर के अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदने का वादा किया है। साथ ही व्यापार बढ़ाने के लिए ‘Board of Trade’ और ‘Board of Investment’ बनाने पर सहमति बनी है।

ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका और चीन की क्या राय रही?

दोनों देश इस बात पर सहमत हुए कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए और Strait of Hormuz खुला रहना चाहिए। चीन ने ईरान को सैन्य उपकरण न देने की बात कही है।