अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष विराम समझौते को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। व्हाइट हाउस में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने साफ कर दिया कि उन्हें देश में होने वाले मिडटर्म (मध्यावधि) चुनावों की कोई चिंता नहीं है और वह ईरान के साथ अपनी शर्तों पर ही समझौता करेंगे। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान इस उम्मीद में बैठा है कि वह समय निकाल लेगा, लेकिन ऐसा नहीं होने वाला है। इसके साथ ही उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है और क्षेत्र के देशों को बड़ी चेतावनी दी है।

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ईरान और अमेरिका के बीच समझौते का क्या है पूरा प्लान?

हालिया मीडिया रिपोर्ट्स और बातचीत के ड्राफ्ट के अनुसार, एक संभावित समझौते पर काम चल रहा है। इस समझौते के तहत अमेरिकी सेना ईरान के आस-पास के इलाकों से पीछे हट जाएगी और नौसैनिक नाकेबंदी को खत्म कर देगी। इसके बदले में ईरान को एक महीने के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होने वाले व्यापारिक जहाजों के आवागमन को युद्ध से पहले की स्थिति में बहाल करना होगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि बातचीत में कुछ प्रगति दिख रही है और आने वाले कुछ घंटे और दिन कूटनीति के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने वाले हैं।

ट्रंप ने ओमान को क्यों दी खुली चेतावनी और क्या है ईरान की हालत?

बातचीत के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने ओमान को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ओमान ने इस बातचीत या होर्मुज जलडमरूमध्य के मामले में कोई दखलअंदाजी की, तो उसे इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। ट्रंप का मानना है कि ईरान पर इस समय बहुत बड़ा आर्थिक दबाव है, क्योंकि वहां महंगाई दर 250 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और उनकी आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह से टूट चुकी है। यही वजह है कि ईरान बहुत जल्द ही समझौता करने के लिए मजबूर होगा। अमेरिकी नौसेना ने क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा के लिए “प्रोजेक्ट फ्रीडम” नाम के ऑपरेशन को भी जारी रखा है।

इसराइल का क्या है इस समझौते पर रुख?

इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि ईरान के साथ होने वाले किसी भी समझौते में परमाणु खतरे को पूरी तरह से खत्म किया जाएगा। इसराइल के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि एक शुरुआती समझौते पर बातचीत चल रही है, जिसके तहत युद्धविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ाया जा सकता है और होर्मुज के रास्ते को फिर से खोला जाएगा, जबकि परमाणु कार्यक्रम से जुड़े जटिल मुद्दों पर बाद में बात होगी। वहीं ईरान के सैन्य संगठन आईआरजीसी (IRGC) ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सेना ने दोबारा हमले किए तो वे भी हमले के लिए पूरी तरह तैयार बैठे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कोई नया फैसला हुआ है?

हां, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और इस पर किसी का कब्ज़ा नहीं रहने दिया जाएगा। समझौते के तहत इसे सभी व्यापारिक जहाजों के लिए फिर से पूरी तरह खोला जाएगा।

क्या ईरान को परमाणु कार्यक्रम रोकने पर प्रतिबंधों से छूट मिलेगी?

राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान को अपना समृद्ध यूरेनियम (enriched uranium) बाहर भेजने के बदले में प्रतिबंधों से कोई राहत नहीं दी जाएगी। अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है।

ओमान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या कहा है?

डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को चेतावनी दी है कि यदि उसने समझौते की बातचीत या होर्मुज जलडमरूमध्य के मामले में कोई बाधा उत्पन्न की, तो अमेरिका उसके खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई कर सकता है।