Strait of Hormuz: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, ईरान से जंग के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बनाएंगे यूएस टेरिटरी.

Nura Basta14 August 20262 min read67 viewsWorld
Strait of Hormuz: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, ईरान से जंग के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बनाएंगे यूएस टेरिटरी.

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को लॉन्ग आइलैंड में एक रिपब्लिकन रैली के दौरान बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के खत्म होने के बाद Strait of Hormuz को संयुक्त राज्य अमेरिका का क्षेत्र घोषित किया जाएगा। ट्रंप ने पहले अपने सोशल प्लेटफॉर्म Truth Social पर यह दावा किया था कि अमेरिका इस जलडमरूमध्य पर wall of steel यानी स्टील की दीवार जैसी नाकाबंदी बनाए हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि देश जीत के बेहद करीब है और जल्द ही इस रणनीतिक जलमार्ग पर अमेरिकी संप्रभुता स्थापित की जाएगी।

जलमार्ग पर बढ़ गया तनाव

इस घोषणा से उस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के आसपास तनाव काफी बढ़ गया है जो दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति यानी तेल और गैस ले जाने के लिए इस्तेमाल होता है। अप्रैल 2026 में अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाई गई नाकाबंदी के जरिए अमेरिका इस रास्ते पर अपना नियंत्रण जताता है। हालांकि, ईरान के अधिकारियों जैसे कि बासिज अर्धसैनिक बल के प्रमुख Hossein Taeb ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने अमेरिकी दावों को मनगढ़ंत बताया और कहा कि यह जलमार्ग अभी भी ईरान के प्रबंधन के अधीन ही चल रहा है। ईरान के एक निकाय Persian Gulf Strait Authority ने भी यह साफ किया है कि जब तक उनकी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह मार्ग पूरी तरह बंद रहेगा।

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अंतरराष्ट्रीय कानून और शिपिंग पर असर

अंतरराष्ट्रीय कानूनी विशेषज्ञों का यह कहना है कि Strait of Hormuz को संयुक्त राष्ट्र के समुद्र कानून यानी UN Convention on the Law of the Sea के तहत एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग के रूप में मान्यता मिली हुई है। इस पर ईरान और ओमान दोनों की संप्रभुता साझा रूप से है। किसी भी देश द्वारा अकेले इस पर अधिकार जताना या इसे हमेशा के लिए बंद करने की घोषणा करना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ माना जाता है, क्योंकि कानून सभी जहाजों को बिना रोक-टोक गुजरने की छूट देता है।

इस पूरे विवाद की वजह से इस क्षेत्र में आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। जहाजों की आवाजाही घटकर अब रोजाना सिर्फ लगभग 8 vessels यानी जहाज ही रह गई है, जबकि युद्ध शुरू होने से पहले यह औसत रोजाना करीब 130 जहाजों का हुआ करता था। इसके साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी विभाग तेहरान पर आर्थिक प्रतिबंधों को और ज्यादा कड़ा करने की धमकी लगातार दे रहा है, जिसका सीधा असर वैश्विक व्यापार पर पड़ रहा है।

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