अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ़ शब्दों में ईरान को चेतावनी दी है कि अगर मंगलवार रात तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दोबारा नहीं खोला गया, तो ईरान के पूरे बुनियादी ढांचे को जमींदोज कर दिया जाएगा। इस युद्ध का आज 39वां दिन है और इसराइल ने तेहरान सहित कई इलाकों में भारी बमबारी शुरू कर दी है, जिसमें अब तक कई लोगों के मारे जाने की खबर है।

ट्रम्प की चेतावनी और ईरान की जवाबी प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक सख्त समय सीमा तय की है और कहा है कि वह ईरान के हर बिजली घर और पुल को नष्ट करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यहाँ तक कहा कि पूरे देश को एक ही रात में खत्म किया जा सकता है और वह रात कल भी हो सकती है। ट्रम्प ने युद्ध अपराधों से जुड़ी चिंताओं को यह कहकर खारिज कर दिया कि उन्हें इसकी कोई फिक्र नहीं है। दूसरी तरफ, ईरान के अधिकारियों ने ट्रम्प की इस धमकी को पागलपन करार दिया है और कहा है कि वे ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। ईरानी युवाओं से अपील की गई है कि वे बिजली घरों के पास मानव श्रृंखला बनाकर अपने राष्ट्रीय संसाधनों की रक्षा करें।

खाड़ी देशों पर हमलों का असर और ताज़ा जानकारी

इस युद्ध की वजह से सऊदी अरब, कुवैत और कतर जैसे पड़ोसी देशों में भी अफरातफरी का माहौल है। ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन के कारण इन देशों को अपना सुरक्षा तंत्र सक्रिय करना पड़ा है। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के लिए स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है।

देश प्रभाव और ताज़ा अपडेट
सऊदी अरब सऊदी के पूर्वी प्रांत में ऊर्जा ठिकानों के पास मिसाइल के टुकड़े गिरे।
कुवैत पिछले 24 घंटों में 14 मिसाइल और 46 ड्रोन देखे गए।
कतर ईरान से आ रहे कई ड्रोन को आसमान में ही मार गिराया।
सऊदी-बहरीन सीमा सुरक्षा कारणों से किंग फहद कॉजवे को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा।

इसराइल ने तेहरान के तीन हवाई अड्डों और ईरान के सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल प्लांट को निशाना बनाया है। हमलों में अब तक कम से कम 15 लोगों की जान जा चुकी है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इसराइल और सऊदी अरब की तरफ मिसाइलें दागी हैं। फिलीपींस के एक नागरिक की मौत इसराइल के हाइफ़ा में हुई है, जिससे प्रवासियों के बीच डर का माहौल बना हुआ है।

शांति वार्ता और भविष्य की स्थिति

पाकिस्तान इस युद्ध को रुकवाने के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। ईरान का कहना है कि वह केवल तभी युद्ध रोकेगा जब उसे दोबारा हमला न होने की पक्की गारंटी मिलेगी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद भी इस मुद्दे पर एक प्रस्ताव लाने की तैयारी में है ताकि व्यापारिक जहाजों का रास्ता साफ हो सके। फिलहाल हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर भी बुरा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।