अमेरिका और ईरान के बीच रिश्तों में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर ईरान के साथ सही समझौता नहीं हुआ तो वे ऐसे कदम उठाएंगे जो ईरान को बिल्कुल पसंद नहीं आएंगे। हालांकि दोनों देशों के बीच एक शुरुआती समझौता हुआ था, लेकिन अब हालात फिर बिगड़ते दिख रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लिखा कि ईरान अब खत्म हो चुका है और उन्हें एक पैसा भी नहीं मिलेगा। उन्होंने यह बात 60 दिनों की बातचीत की अवधि के दौरान कही। व्हाइट हाउस ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ एक समझौता (MoU) साइन किया था। इस समझौते का मुख्य मकसद ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को जहाजों के आने-जाने के लिए खुला रखना था।
इसी बीच स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली एक बड़ी मीटिंग को टाल दिया गया है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का स्विट्जरलैंड का दौरा रद्द हो गया। सरकार ने इसकी वजह लॉजिस्टिक्स की समस्या बताई है, लेकिन कुछ राजनयिकों का कहना है कि इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच जारी हमलों की वजह से ईरान ने इस बातचीत से हाथ खींच लिए हैं।
दूसरी तरफ, इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच 19 जून 2026 को युद्धविराम (Ceasefire) का समझौता हुआ था। लेकिन यह समझौता ज्यादा देर नहीं चला और फिर से लड़ाई शुरू हो गई। इजराइल ने हिजबुल्लाह के 80 ठिकानों पर बड़े हमले किए, जिससे पूरे इलाके में बेचैनी बढ़ गई है।
अमेरिका की संसद में भी इस समझौते को लेकर काफी विवाद है। रिपब्लिकन पार्टी के कई नेताओं ने इस समझौते को ईरान की सरकार के लिए एक तोहफे जैसा बताया है। उनका कहना है कि यह कदम राष्ट्रपति के असली लक्ष्यों से बहुत दूर है। वहीं आर्थिक मोर्चे पर ट्रंप ने कहा कि तेल की कीमतें कम होने और शेयर बाजार बढ़ने से मार्केट में सकारात्मक माहौल है।