अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को एक बड़ी चेतावनी दी है. Trump ने साफ कहा है कि अगर इसराइल दोबारा ईरान के साथ युद्ध में पड़ता है, तो शायद उसे अकेले ही लड़ना पड़े. Axios की रिपोर्ट के मुताबिक Trump ने Netanyahu से जवाबी हमला न करने की अपील की है.

Trump ने Netanyahu से क्या कहा और अमेरिका का क्या स्टैंड है?

Donald Trump ने Axios को बताया कि इसराइल और ईरान दोनों ने अपने हमले कर लिए हैं और अब किसी नए हमले की ज़रूरत नहीं है. उन्होंने Truth Social पर एक पोस्ट के जरिए दोनों देशों से तुरंत गोलीबारी रोकने की मांग की. एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि Benjamin Netanyahu ने इस अनुरोध पर ऊपरी तौर पर सहमति तो जताई है, लेकिन वे अक्सर अपने हिसाब से फैसले लेते हैं, जिससे यह आशंका बनी हुई है कि वे इस चेतावनी को पूरी तरह नहीं मानेंगे.

ईरान और इसराइल के बीच तनाव कैसे बढ़ा?

  • 7 जून 2026 को इसराइल ने बेरूत को निशाना बनाया, जिसके बाद ईरान ने उत्तरी इसराइल पर मिसाइल हमले किए.
  • जवाब में इसराइल ने ईरान के एक पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स सहित कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया.
  • ईरान के संसदीय स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि अमेरिका शांति या बातचीत नहीं चाहता और ईरान अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कड़ा कदम उठाएगा.
  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने भी इस बढ़ते तनाव पर चिंता जताई और खतरे की चेतावनी दी.

क्या युद्ध फिर से शुरू हो सकता है?

फिलहाल दोनों देशों ने सैन्य ऑपरेशन रोक दिए हैं, लेकिन स्थिति अब भी तनावपूर्ण है. ईरान की सेना ने कहा है कि अगर इसराइल ने लेबनान या ईरानी जमीन पर फिर से हमले किए, तो जवाब और भी ज्यादा विनाशकारी होगा. वहीं Benjamin Netanyahu ने कहा कि ईरान एक नया समीकरण थोपने की कोशिश कर रहा था जिसे वे स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान की किसी भी गलती पर इसराइल की प्रतिक्रिया बहुत सख्त होगी.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Donald Trump ने Benjamin Netanyahu को क्या चेतावनी दी है

Trump ने चेतावनी दी है कि अगर इसराइल दोबारा ईरान के साथ युद्ध शुरू करता है, तो उसे बिना किसी बाहरी समर्थन के अकेले ही लड़ना पड़ सकता है.

ईरान और इसराइल के बीच हालिया हमले कब हुए

यह तनाव 7 जून 2026 को शुरू हुआ जब इसराइल ने बेरूत पर हमला किया, जिसके बाद ईरान ने उत्तरी इसराइल पर मिसाइलें दागीं और फिर इसराइल ने ईरान के पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमला किया.