अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन देशों पर कड़ा प्रहार किया है जिन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में हिस्सा लेने से मना कर दिया है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि जो देश आज अमेरिका का साथ नहीं दे रहे हैं, कल को जरूरत पड़ने पर अमेरिका भी उनके लिए खड़ा नहीं होगा। उन्होंने इन देशों को सलाह दी है कि वे अपना ईंधन खुद खरीदें या सीधे ईरान से जाकर तेल लें, क्योंकि उनके अनुसार ईरान अब पूरी तरह से कमजोर हो चुका है।

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ट्रंप की चेतावनी और देशों की प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी बातों में ब्रिटेन, स्पेन और फ्रांस जैसे सहयोगी देशों के रवैये पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब इन देशों की मदद के लिए वहां मौजूद नहीं रहेगा। ट्रंप ने ईरान को भी कड़ी चेतावनी दी है कि अगर उसने व्यापार के रास्ते नहीं खोले, तो उसके तेल के कुओं और बिजली घरों को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।

  • ब्रिटेन और फ्रांस: ट्रंप ने इन देशों को असहयोगी और मददगार न होने वाला बताया है।
  • स्पेन का फैसला: स्पेन ने अमेरिकी विमानों के लिए अपना हवाई रास्ता बंद कर दिया है, जिसे अमेरिका ने निराशाजनक कहा है।
  • इटली पर दबाव: इटली में भी राजनेता अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने से रोकने की मांग कर रहे हैं।
  • ईंधन की सलाह: ट्रंप ने कहा कि देश अमेरिका से जेट फ्यूल खरीदें या खुद जाकर ईरान से तेल ले लें।

खाड़ी क्षेत्र और प्रवासियों पर पड़ने वाला असर

इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रह रहे लोगों और वैश्विक व्यापार पर पड़ने की आशंका है। दुबई के पास एक कुवैती तेल टैंकर पर हमले की खबर ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। व्हाइट हाउस अब अरब देशों से भी इस सैन्य अभियान में जिम्मेदारी साझा करने की उम्मीद कर रहा है, जिससे आने वाले दिनों में क्षेत्र की स्थिति बदल सकती है।

मुख्य मुद्दा ताज़ा अपडेट
ईरान का रुख ईरान ने दबाव में किसी भी बातचीत से इनकार किया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान यहां से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स लगाने की तैयारी में है।
मध्यस्थ देश पाकिस्तान, सऊदी और तुर्की जैसे देश समझौते की कोशिश कर रहे हैं।
अमेरिकी समयसीमा ट्रंप 6 अप्रैल तक ईरान के साथ समझौते की उम्मीद कर रहे हैं।
तेल सप्लाई तनाव के चलते समुद्री रास्तों पर व्यापार प्रभावित होने का खतरा है।