अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि ईरान के पास समझौता करने के लिए अब समय बहुत कम बचा है। इसी बीच UAE और सऊदी अरब में हुए ड्रोन हमलों ने पूरे इलाके में डर का माहौल बना दिया है। पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच बीच-बचाव करने की कोशिश कर रहा है।
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ट्रम्प की चेतावनी और अमेरिका की शर्तें क्या हैं?
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर लिखा कि ईरान के लिए समय तेजी से निकल रहा है और उन्हें जल्दी कदम उठाना चाहिए। अमेरिका ने शांति समझौते के लिए पांच मुख्य शर्तें रखी हैं। इनमें ईरान से समृद्ध यूरेनियम को सरेंडर करना, परमाणु केंद्रों की संख्या कम करना और युद्ध के मुआवजे की मांग छोड़ना शामिल है। साथ ही अमेरिका ने कहा है कि ईरान की जमी हुई संपत्ति का बड़ा हिस्सा ब्लॉक ही रहेगा।
दूसरी तरफ ईरान ने भी अपनी पांच शर्तें रखी हैं। ईरान चाहता है कि उस पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए जाएं, उसकी जमी हुई संपत्ति वापस मिले और सैन्य अभियान बंद हों। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि वे बातचीत तो कर रहे हैं लेकिन अपने परमाणु अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेंगे।
पाकिस्तान की मध्यस्थता और क्षेत्रीय हमले
पाकिस्तान इस विवाद को सुलझाने में ‘ईमानदार मध्यस्थ’ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री Mohsin Naqvi ने हाल ही में तेहरान में ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से मुलाकात की। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इस प्रयास को देश के इतिहास का एक महत्वपूर्ण पल बताया है।
क्षेत्र में तनाव तब और बढ़ गया जब UAE और सऊदी अरब में ड्रोन हमले हुए। UAE में एक ड्रोन हमले की वजह से परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास आग लग गई, जिसका आरोप UAE ने ईरान या उसके समर्थकों पर लगाया है। सऊदी अरब ने भी तीन ड्रोन को हवा में ही रोकने का दावा किया है। इस घटना के बाद ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अगर उन पर फिर हमला हुआ तो वे हैरान करने वाले तरीके अपनाएंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते में मुख्य विवाद क्या है?
मुख्य विवाद परमाणु अधिकारों, प्रतिबंधों को हटाने और जमी हुई संपत्ति को वापस करने को लेकर है। अमेरिका यूरेनियम सरेंडर करने की मांग कर रहा है जबकि ईरान प्रतिबंध हटाने पर अड़ा है।
UAE और सऊदी अरब में हाल ही में क्या हुआ?
UAE के परमाणु संयंत्र के पास ड्रोन हमले से आग लगी और सऊदी अरब ने तीन ड्रोन इंटरसेप्ट किए। इन हमलों के बाद क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है।
