अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 10 जून 2026 को ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है। ट्रंप का कहना है कि ईरान ने समझौते के लिए बहुत लंबा समय ले लिया है और अब उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। इस सैन्य तनाव का असर खाड़ी देशों पर भी दिख रहा है क्योंकि कई अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या बड़े दावे किए?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कई कड़े बयान दिए हैं। ट्रंप ने साफ किया है कि अमेरिका केवल एक सार्थक शांति समझौते को ही स्वीकार करेगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सेना पूरी तरह से बिखर चुकी है और उनकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): ट्रंप ने दावा किया कि इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर अमेरिका का नियंत्रण है, न कि ईरान का।
- तेल की जब्ती: ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका गुप्त रूप से लाखों बैरल ईरानी तेल को हटा रहा है।
- सैन्य कार्रवाई की चेतावनी: उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पहले भी कड़ा हमला किया था और आगे भी हमले जारी रखेगा।
सैन्य झड़प और खाड़ी देशों पर इसका असर
यह पूरा विवाद तब बढ़ा जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को ईरानी ड्रोन ने गिरा दिया। इसके जवाब में अमेरिका ने जवाबी हमले किए। इसके बाद ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि अमेरिका ईरान के प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाएगा। दूसरी तरफ, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने अमेरिकी हमलों की निंदा की है और कहा है कि ईरान को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है। हालांकि, इन सब सैन्य तनावों के बीच राजनयिक कोशिशें अभी भी जारी हैं ताकि शांति समझौता हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य झड़प हुई है?
हां, हाल ही में अमेरिकी हेलीकॉप्टर गिराए जाने के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं।
ट्रंप ने समझौते को लेकर क्या शर्त रखी है?
ट्रंप ने कहा है कि ईरान ने बातचीत में बहुत ज्यादा समय लगा दिया है और अमेरिका अब केवल एक सार्थक समझौते को ही स्वीकार करेगा।
