अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता विवाद अब एक बड़े संघर्ष में बदल गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोमवार, 20 जुलाई 2026 को ईरान को स्पष्ट चेतावनी दी कि अमेरिकी सैनिकों की हत्या के लिए उन्हें भारी कीमत चुकानी होगी। अब तक इस संघर्ष में 18 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है, जिनमें जॉर्डन और इराक में मारे गए सैनिक भी शामिल हैं।
लगातार सैन्य कार्रवाई और आर्थिक नुकसान
अमेरिकी सेना ने पिछले 11 दिनों से ईरान के सैन्य ठिकानों, एयरक्राफ्ट हैंगर, ड्रोन स्टोरेज और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार हमले किए हैं। इन हमलों में अब तक लगभग 37.5 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए गंभीर नहीं है, जिसके कारण कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं कम होती जा रही हैं।
क्षेत्रीय देशों पर हमले का खतरा
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए हैं। ईरान ने बहरीन में एक Amazon डेटा सेंटर को भी निशाना बनाने का दावा किया है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 11 दिनों में अमेरिकी हमलों में 53 लोग मारे गए हैं और करीब 600 लोग घायल हुए हैं। राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कर दिया है कि अगर ईरान आगे भी हमले जारी रखता है, तो वे उनके परमाणु केंद्रों और अन्य महत्वपूर्ण संपत्तियों को निशाना बनाएंगे।
