अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने साफ़ कहा है कि अगर Strait of Hormuz में जहाजों से टोल, इंश्योरेंस या किसी भी तरह का चार्ज वसूला गया, तो ईरान के साथ चल रही सभी राजनयिक बातचीत तुरंत बंद कर दी जाएगी। यह मामला समुद्री सुरक्षा और तेल की सप्लाई से जुड़ा है, जो पूरी दुनिया के लिए बहुत जरूरी है।

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Trump ने 24 जून 2026 को अपने Truth Social अकाउंट पर लिखा कि ईरान ने अमेरिका को भरोसा दिलाया है कि वह Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों से कोई टोल या अन्य शुल्क नहीं लेगा। इससे पहले 20 जून को भी उन्होंने कहा था कि 60 दिनों के युद्धविराम (ceasefire) के दौरान कोई टोल नहीं लिया जाएगा, लेकिन अगर शांति समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका खुद शुल्क लगा सकता है।

ईरान का क्या है कहना

दूसरी तरफ, ईरान की बातों में थोड़ा फर्क है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने 25 मई 2026 को बताया था कि ईरान ट्रांजिट टैरिफ तो नहीं लेगा, लेकिन पर्यावरण की सुरक्षा और अन्य तकनीकी सेवाओं के लिए फीस ली जाएगी। 18 जून 2026 को ईरान ने यह भी ऐलान किया कि वह दो महीने के भीतर समुद्री शुल्क का एक नया सिस्टम शुरू करेगा। ईरान के मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ़ किया कि जलमार्ग का मैनेजमेंट अब पहले जैसा नहीं रहेगा और इसमें कुछ खर्च शामिल होंगे।

अंतरराष्ट्रीय कानून और ओमान की भूमिका

इस पूरे विवाद के बीच अमेरिका और ईरान की बातचीत स्विट्जरलैंड में चल रही है। अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने 24 जून को कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक Strait of Hormuz एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और यहाँ कोई भी देश टोल नहीं वसूल सकता।

इसी बीच ओमान ने International Maritime Organization (IMO) के साथ मिलकर एक बड़ा कदम उठाया है। ओमान ने ऐलान किया है कि वह Strait of Hormuz को बिना किसी टोल के खुला रखेगा और सुरक्षित रास्ते तय करेगा।

  • मौजूदा समझौता: अमेरिका और ईरान के बीच हुए अस्थायी समझौते के तहत 60 दिनों तक कमर्शियल जहाजों को बिना किसी शुल्क के आने-जाने की अनुमति है।
  • भविष्य की योजना: आने वाले समय में समुद्री सेवाओं के खर्चों को लेकर बातचीत जारी रहेगी।
  • महत्व: Strait of Hormuz दुनिया भर में तेल की सप्लाई के लिए सबसे अहम रास्ता है, इसलिए यहाँ कोई भी तनाव वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर सकता है।