पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 25 जुलाई 2026 को ईरान को लेकर एक कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के साथ जारी कूटनीतिक बातचीत नाकाम होती है, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान के लिए पूरी तरह तैयार और ‘लॉक्ड एंड लोडेड’ है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक किसी बड़े हमले का आखिरी फैसला नहीं लिया गया है और उनकी पहली प्राथमिकता बातचीत के जरिए समझौते तक पहुँचना है।
परमाणु हथियारों पर ट्रंप का सख्त रुख
Donald Trump ने अपने प्रशासन की नीति दोहराते हुए साफ किया कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने अपना दबाव हटाया, तो ईरान को दोबारा अपनी स्थिति मजबूत करने में 20 से 25 साल का समय लग जाएगा। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इन धमकियों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि ईरान दबाव या धमकी की भाषा के आगे झुकने वाला नहीं है और न ही वह ऐसी ‘अमेरिकी दादागिरी’ का कोई जवाब देगा।
क्षेत्रीय तनाव और संघर्ष
यह बयान ऐसे समय पर आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ा हुआ है। इसमें अमेरिका और इजरायल द्वारा तेहरान पर किए गए हमले, ईरान की जवाबी कार्रवाई और Strait of Hormuz में समुद्री नाकेबंदी शामिल है। 25 जुलाई 2026 को यमन के Houthi विद्रोहियों ने सऊदी अरब के Jizan शहर पर मिसाइल हमले का दावा किया है। इससे पहले मई 2026 में सऊदी अरब ने ईरान के साथ विवाद सुलझाने के लिए कूटनीति का रास्ता अपनाने के ट्रंप के फैसले का स्वागत किया था।
