अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर बहुत बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान ने सीजफायर समझौते का उल्लंघन करना बंद नहीं किया, तो अमेरिका उसके खिलाफ बड़े सैन्य ऑपरेशन चलाएगा। यह मामला अब काफी गंभीर हो गया है और पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है।
📰: Kuwait और Bahrain पर ईरान का हमला, अमेरिकी सेना के ठिकानों को बनाया निशाना, मची अफरातफरी।
कुवैत न्यूज एजेंसी (KUNA) के मुताबिक 28 जून 2026 को यह चेतावनी जारी की गई। विवाद की शुरुआत तब हुई जब 26 जून को Donald Trump ने ईरान पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया। ईरान ने Strait of Hormuz में जहाजों पर कम से कम चार ड्रोन से हमला किया था, जिसमें से एक ड्रोन ने M/V Ever Lovely नाम के कार्गो शिप को नुकसान पहुंचाया जबकि तीन ड्रोन को अमेरिकी सेना ने हवा में ही रोक लिया।
इस हमले के जवाब में अमेरिकी सेना ने 26 जून को ईरान के मिसाइल, ड्रोन स्टोरेज और तटीय रडार साइटों पर हमले किए। तनाव यहीं नहीं रुका और 28 जून की सुबह ईरान ने M/T Kiku नाम के टैंकर पर ड्रोन हमला किया। इसके बाद US Central Command (CENTCOM) ने बताया कि 27 जून को अमेरिकी विमानों ने ईरान के सैन्य निगरानी सिस्टम, संचार प्रणालियों, हवाई रक्षा साइटों और ड्रोन स्टोरेज सेंटरों पर फिर से हमले किए।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी पलटवार किया है। 28 जून को ईरान ने Kuwait और Bahrain में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। Bahrain ने भी आरोप लगाया है कि ईरान ने उसकी सीमा में ड्रोन भेजे हैं, जो कि उसकी संप्रभुता का उल्लंघन है।
Donald Trump ने अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर लिखा कि अमेरिका ने सीजफायर तोड़ने के कारण ईरान के ठिकानों पर हमला किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि एक समय ऐसा आएगा जब अमेरिका को यह काम पूरी तरह खत्म करना होगा। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि अगर ऐसा हुआ तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने भी साफ कहा कि हिंसा का जवाब हिंसा से ही दिया जाएगा। दूसरी तरफ, ईरान ने इन हमलों को अपनी रक्षा के लिए उठाया गया कदम बताया है। ईरान के प्रवक्ता Ibrahim alFiqar ने चेतावनी दी है कि अमेरिका ने अपनी सीमा लांघी है और अब उन्हें इसका जवाब मिलेगा।
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच यह सीजफायर समझौता करीब दो हफ्ते पहले हुआ था, जिसका मकसद पिछले चार महीनों से चल रही लड़ाई को रोकना था। दोनों देशों के बीच Strait of Hormuz से जहाजों के गुजरने के रास्तों को लेकर मतभेद बने हुए हैं। ब्रिटेन की UK Maritime Trade Operations ने भी टैंकर के ब्रिज को नुकसान पहुंचने की खबर दी है और सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया है।
