अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान को बेहद सख्त संदेश दिया है। 7 जून 2026 को दिए एक इंटरव्यू में ट्रम्प ने साफ लहजे में कहा कि ईरान ने बहुत मिसाइलें दाग ली हैं और अब यह सब बंद होना चाहिए। उन्होंने ईरान पर दबाव बनाते हुए कहा कि वे बातचीत की टेबल पर लौटें और नया समझौता करें। इस बयान के ठीक पहले ईरान ने इसराइल के साथ-साथ कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल हमले किए थे, जिसके जवाब में अमेरिका ने भी जवाबी सैन्य कार्रवाई की है।

डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर क्या बड़ी चेतावनी दी है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एनबीसी के ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम में बातचीत के दौरान ईरान को चेतावनी दी। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका एक समझौते के बहुत करीब है लेकिन जब तक ईरान अपना रवैया नहीं बदलता, तब तक उस पर लगे प्रतिबंधों को नहीं हटाया जाएगा और न ही उसकी जब्त संपत्तियों को मुक्त किया जाएगा। ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान पहुंचाया है और अब ईरान के पास केवल 21 से 22 प्रतिशत मिसाइलें ही बची हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान समझौते के लिए तैयार नहीं होता है, तो उसके खिलाफ और भी कड़ी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही ट्रम्प ने ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के साथ सीधे बातचीत करने की इच्छा भी जताई है।

मिडिल ईस्ट में हालिया सैन्य झड़पों की क्या स्थिति है?

7 जून 2026 को ईरान की तरफ से इसराइल पर मिसाइलें दागी गईं, जिसकी पुष्टि इसराइली सेना ने भी की है। इससे पहले ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी नौसेना के ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। इन हमलों के जवाब में यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के केशम द्वीप पर मौजूद सैन्य नियंत्रण स्टेशन पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी नौसेना ने ईरान की नाकेबंदी को कड़ा करते हुए 132 व्यापारिक जहाजों के रास्ते बदले हैं और 6 जहाजों को आगे बढ़ने से रोका है। वहीं ईरान की पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड का कहना है कि उन्होंने अमेरिकी हमले के जवाब में बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाया था।

ईरान का इस पूरे मामले पर क्या रुख है?

ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार मोहसेन रजाई ने कहा है कि अगर राष्ट्रपति ट्रम्प वाकई में कोई समझौता चाहते हैं, तो उन्हें ईरान की जब्त की गई 24 अरब डॉलर की संपत्ति को छोड़ना होगा। ईरान इस कदम को भरोसे की परीक्षा के रूप में देख रहा है। दूसरी तरफ ईरान ने 6 जून 2026 को अमेरिका के साथ चल रही बातचीत को तब तक के लिए रोक दिया जब तक कि लेबनान में पूरी तरह से सीजफायर यानी युद्धविराम लागू नहीं हो जाता। इसी बीच पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने तेहरान में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची से मुलाकात की और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का एक विशेष संदेश ईरान के सर्वोच्च नेता तक पहुंचाया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को क्या संदेश दिया है?

डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान से मिसाइल हमले तुरंत रोकने और बातचीत की टेबल पर आकर समझौता करने को कहा है। उन्होंने साफ किया कि जब तक ईरान अपना व्यवहार नहीं सुधारता, तब तक प्रतिबंध नहीं हटाए जाएंगे।

ईरान ने हाल ही में किन देशों पर मिसाइल हमले किए हैं?

ईरान ने जून 2026 के पहले हफ्ते में इसराइल के साथ-साथ कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं।

ईरान ने बातचीत फिर से शुरू करने के लिए क्या शर्त रखी है?

ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत को तब तक निलंबित कर दिया है जब तक कि लेबनान में पूरी तरह से युद्धविराम लागू नहीं हो जाता, साथ ही वह अपनी जब्त संपत्तियों को बहाल करने की मांग कर रहा है।