अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को बहुत कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि अगर उनकी जान लेने की कोशिश हुई, तो ईरान पर 1000 मिसाइलों से हमला होगा. Trump ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ चल रहा युद्धविराम अब खत्म हो चुका है.
Trump ने 11 जुलाई 2026 को अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 1000 मिसाइलें ईरान की तरफ लॉक कर दी गई हैं और ज़रूरत पड़ने पर हज़ारों और मिसाइलें दागी जाएंगी. यह गुस्सा इसलिए आया क्योंकि पूर्व ईरानी सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei के जनाज़े के दौरान Trump की हत्या की मांग की गई थी.
दोनों देशों के बीच जून 2026 में पाकिस्तान की मदद से एक समझौता (MoU) हुआ था. इसका मकसद फरवरी से चल रही जंग को रोकना और शांति लाना था. इस समझौते में लड़ाई खत्म करने, अमेरिका द्वारा ईरान की समुद्री नाकेबंदी हटाने और Strait of Hormuz को फिर से खोलने की बात कही गई थी. लेकिन अब Trump ने कहा है कि अमेरिकी सेना ईरान के इलाकों को पूरी तरह तबाह करने के लिए तैयार है और यह कार्रवाई एक साल तक चल सकती है.
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने समझौते का उल्लंघन किया है. हालांकि, ईरान के कुछ अधिकारियों ने निजी तौर पर बताया कि Strait of Hormuz में जहाजों पर हुए हमले कुछ कट्टरपंथियों की गलती थी. इस तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री आज ईरान और कतर के नेताओं से बात कर रहे हैं.
ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा है कि उनका देश पूरी तरह बचाव के लिए तैयार है. वहीं सुप्रीम लीडर Ayatollah Mojtaba Khamenei ने अपने पूर्व नेता की मौत का बदला लेने की बात कही है. ईरान की अदालतें अब अमेरिका और इसराइल के खिलाफ युद्ध अपराध के सबूत जुटा रही हैं. दूसरी तरफ, अमेरिका ने संकेत दिया है कि किसी भी नए समझौते के लिए ईरान को अपना यूरेनियम सौंपना होगा.
सुरक्षा कारणों से Trump ने तुर्की से निकलने के लिए पुराने Air Force One विमान का इस्तेमाल किया. रिपोर्ट के मुताबिक उन पर हमले के खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया, हालांकि Trump ने इस बात से इनकार किया है.
