अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर एक बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि वह ईरान से मिलने वाले खतरे को पूरी तरह से समाप्त कर देंगे। ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि इसके लिए या तो बातचीत का रास्ता चुना जाएगा या फिर ईरान को पूरी तरह से सैन्य कार्रवाई के जरिए नष्ट कर दिया जाएगा। डोनाल्ड ट्रम्प ने यह महत्वपूर्ण बातें 7 जून 2026 को दिए एक इंटरव्यू के दौरान कहीं।
ट्रम्प ने ईरान के साथ समझौते और सैन्य कार्रवाई पर क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि एक संभावित समझौते के तहत ईरान की परमाणु सामग्री या बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के लिए अमेरिकी उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। यह काम ईरान के अंदर या बाहर कहीं भी किया जा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका बेहद सख्त सैन्य कार्रवाई का सहारा लेगा। ट्रम्प ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक ईरान अपने व्यवहार में बदलाव नहीं लाता, तब तक उसे प्रतिबंधों से कोई राहत नहीं मिलेगी और न ही उसकी फ्रीज की गई संपत्ति को जारी किया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने ईरान के नए नेतृत्व मुज्तबा खामेनेई को पहले से अधिक समझदार बताया है।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और बातचीत की वर्तमान स्थिति क्या है?
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि उसने ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकेबंदी को कड़ा कर दिया है। इसके तहत अमेरिकी सेना ने 132 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला और 6 अन्य जहाजों को निष्क्रिय किया। 6 जून 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के 4 हमलावर ड्रोनों को मार गिराया और गोरुक व क्युशम द्वीप पर ईरानी तटीय रडार ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने पुष्टि की है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए अमेरिका के साथ संदेशों का आदान-प्रदान जारी है, लेकिन उन्होंने वाशिंगटन पर अपनी मांगों को लगातार बदलने का आरोप लगाया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका ईरान को प्रतिबंधों से तुरंत राहत देने के लिए तैयार है?
नहीं, डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि ईरान को प्रतिबंधों से राहत और उसकी फ्रीज की गई संपत्तियों को तभी वापस किया जाएगा जब वह अपने व्यवहार में पूरी तरह से बदलाव लाएगा।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ट्रम्प का क्या रुख है?
ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका ईरान के संवर्धित यूरेनियम (enriched uranium) को नष्ट करना सुनिश्चित करेगा, चाहे इस मामले में कोई समझौता हो या न हो।
