अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर चेतावनी दी है कि ईरान समझौते के लिए बहुत लंबा समय ले रहा है और अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच सीधी सैन्य झड़पें शुरू हो गई हैं और खाड़ी देशों में अलर्ट जारी है।
अमेरिका और ईरान के बीच क्यों शुरू हुई सैन्य झड़प?
इस पूरे विवाद की शुरुआत 9 जून 2026 को हुई जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका का एक अपाचे हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि हेलीकॉप्टर के दोनों पायलटों को एक ड्रोन बोट की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया। इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने 10 जून 2026 को ईरान पर हवाई हमले किए जिन्हें अमेरिका ने आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया है।
ईरान का पलटवार और खाड़ी देशों को चेतावनी
अमेरिकी हमलों के तुरंत बाद ईरान ने भी बड़ा जवाबी हमला किया। ईरान ने 10 जून 2026 को तड़के जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइलें दागीं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिका या इजराइल को हमले करने के लिए न करने दें। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक्छी ने कहा कि ईरान की सीमा के पास मौजूद विदेशी सैन्य बल हमेशा खतरे में रहेंगे और उन्हें यहां से चले जाना चाहिए।
बातचीत और सैन्य कार्रवाई पर ट्रंप का रुख
डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि ईरान के साथ बातचीत आखिरी दौर में है और दो-तीन दिनों में कोई समझौता हो सकता है। लेकिन अचानक स्थिति बिगड़ने के बाद उन्होंने कहा कि बातचीत में देरी के कारण ईरान को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। दूसरी तरफ ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालबाफ ने 8 जून को कहा था कि ईरान सैन्य कार्रवाई और कूटनीति दोनों को बातचीत के लिए सही माहौल बनाने का जरिया मानता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या चेतावनी दी है?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौते की बातचीत में बहुत ज्यादा देरी कर रहा है और अब उसे इसका अंजाम भुगतना होगा। उन्होंने अमेरिकी हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के बाद बहुत मजबूत जवाबी कार्रवाई की बात कही थी।
ईरान ने किन खाड़ी देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं?
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने 10 जून 2026 को जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में मौजूद सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए हैं।
