अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हुआ, तो वे कल रात फिर से भारी बमबारी करेंगे। अमेरिकी सेना ने पहले ही ईरान के कई ठिकानों पर सैन्य हमले किए हैं, जिसके बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले करने का दावा किया है। इस तनाव से पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने दी बड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत हुई थी, जिन्होंने हमलों को रोकने की अपील की थी। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अगर ईरान अमेरिकी प्रस्तावों को स्वीकार नहीं करता है, तो अमेरिका फिर से भारी बमबारी करेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान बमबारी अभियान जल्द समाप्त हो सकता है, लेकिन अगर समझौता नहीं हुआ तो कल रात फिर हमले शुरू होंगे। इस बीच, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों पर लगातार हमले कर रही है और अमेरिका जरूरत पड़ने पर सैन्य ताकत के दम पर बातचीत करने के लिए तैयार है।
कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला और एयर डिफेंस एक्टिव
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया है। कुवैत के अली अल-सालेम और अहमद अल-जाबेर एयर बेस तथा बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाने की बात कही गई है। इसके बाद कुवैत और बहरीन ने अपने हवाई रक्षा प्रणालियों (Air Defense) को सक्रिय कर दिया है। कुवैत ने आसमान में संदिग्ध हवाई लक्ष्यों को रोकने की पुष्टि की है। खाड़ी देशों में रहने वाले विदेशी प्रवासियों और भारतीय नागरिकों के लिए भी सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद संवेदनशील समय है क्योंकि पूरे क्षेत्र की हवाई सुरक्षा को अलर्ट पर रखा गया है।
ईरान का बातचीत से इनकार और कतर की मध्यस्थता की कोशिश
ईरान के अधिकारियों ने ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने सीधे बातचीत की बात कही थी। ईरानी अधिकारियों ने इसे युद्ध से बचने का अमेरिकी बहाना बताया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के दूत आमिर सईद इरावाणी ने कहा कि दबाव और धमकियों के साए में कोई भी समझौता संभव नहीं है और ईरान ने कभी भी धमकी के बीच बातचीत नहीं की है। इस बीच, कतर का एक प्रतिनिधिमंडल दोनों पक्षों के बीच मतभेदों को कम करने और शांति स्थापित करने के लिए तेहरान में ईरानी वार्ताकारों से मुलाकात कर रहा है। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि इन हमलों में इजरायल शामिल नहीं है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है?
ईरान की सेना ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए बंद करने का दावा किया था, लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि वहां जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है।
कुवैत और बहरीन में हवाई सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए गए हैं?
ईरान के जवाबी हमलों के दावों के बाद कुवैत और बहरीन दोनों देशों ने अपनी हवाई सुरक्षा प्रणालियों (Air Defense System) को सक्रिय कर दिया है और कुवैत ने संदिग्ध हवाई लक्ष्यों को हवा में ही नष्ट करने की पुष्टि की है।
