अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बहुत बड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि ईरान के तेल स्टोरेज और पाइपलाइन कभी भी फट सकते हैं. यह स्थिति अमेरिका द्वारा लगाए गए समुद्री नाकेबंदी की वजह से बनी है. अगर ईरान ने जल्द ही समझौता नहीं किया तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या चेतावनी दी और क्यों
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान की तेल पाइपलाइन अंदर से फट सकती हैं. उन्होंने बताया कि अमेरिका ने ईरान के जहाजों की नाकेबंदी कर दी है, जिससे तेल जहाजों पर लोड नहीं हो पा रहा है. ट्रंप के मुताबिक, अगर तेल बाहर नहीं निकला तो पाइपलाइनों में दबाव बढ़ेगा और वे फट जाएंगी, जिसे ठीक करना नामुमकिन होगा. उन्होंने ईरान को जल्द से जल्द समझदारी दिखाने और समझौता करने की सलाह दी है.
ईरान का जवाब और तेल स्टोरेज की असल स्थिति
ईरान के अधिकारियों ने ट्रंप की इन धमकियों को खाली बताया है. ईरान के उपराष्ट्रपति इस्माइल सगाब एसफहानी ने कहा कि अगर उनके बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा, तो हमला करने वाले देशों को चार गुना ज्यादा नुकसान होगा. वहीं, एक्सपर्ट्स का कहना है कि ईरान के पास अब बहुत कम स्टोरेज बचा है. आंकड़ों के अनुसार स्थिति इस प्रकार है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल स्टोरेज क्षमता | 122 मिलियन बैरल |
| उपलब्ध जगह (27 अप्रैल) | 90 मिलियन बैरल |
| बचा हुआ समय | 12 से 22 दिन |
| तेल निर्यात में गिरावट | लगभग 70 प्रतिशत |
दुनिया और खाड़ी देशों पर इसका क्या असर होगा
इस तनाव की वजह से दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ रही हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नाकेबंदी होने से जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है. वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने घोषणा की है कि वह 1 मई 2026 से ओपेक (OPEC) और ओपेक प्लस से अलग हो जाएगा. ईरान ने धमकी दी है कि वह अपने सहयोगियों के जरिए बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में भी बाधा डाल सकता है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान के तेल पाइपलाइन फटने का खतरा क्यों है?
अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी है, जिससे तेल जहाजों पर लोड नहीं हो पा रहा है और पाइपलाइनों में दबाव बढ़ रहा है.
इस विवाद का तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ रहा है?
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और तेल की सप्लाई कम होने की वजह से ग्लोबल मार्केट में तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं.