अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने साफ तौर पर कह दिया है कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे. इस तनाव की वजह से खाड़ी देशों में हलचल बढ़ गई है और कच्चे तेल की कीमतों में भी भारी उछाल देखा गया है.

Trump की शर्तें और किंग चार्ल्स का दावा क्या है?

Donald Trump ने ईरान के उस शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया है जिसमें पहले Strait of Hormuz को खोलने और संघर्ष खत्म करने की बात कही गई थी. ट्रंप का कहना है कि कोई भी समझौता तभी होगा जब ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर रोक लगाएगा. इसके अलावा, ट्रंप ने दावा किया कि मंगलवार को व्हाइट हाउस में हुई एक डिनर मीटिंग के दौरान King Charles ने भी इस बात का समर्थन किया कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए.

ईरान की प्रतिक्रिया और युद्ध का असर क्या हुआ?

  • ईरान की चुनौती: ईरान के सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने कहा कि वे अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं की रक्षा करेंगे. उन्होंने अमेरिकी सेना को लेकर कड़ी चेतावनी भी दी है.
  • सरकारी विरोध: ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिकी नौसेना की घेराबंदी को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है.
  • तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी: अमेरिकी नाकाबंदी और तनाव के कारण Brent crude तेल की कीमत 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो 2022 के बाद सबसे अधिक है.
  • आर्थिक नुकसान: अमेरिका ने अब तक इस युद्ध में लगभग 25 अरब डॉलर खर्च किए हैं.

अमेरिकी सेना और भविष्य की रणनीति क्या है?

अमेरिकी युद्ध सचिव Pete Hegseth और जनरल Dan Caine ने कांग्रेस के सामने गवाही दी है. Hegseth ने बताया कि 2025 के मध्य में किए गए हमलों में ईरान की परमाणु क्षमताओं को खत्म कर दिया गया था. फिलहाल, राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान पर नए सैन्य हमलों की योजना के बारे में ब्रीफिंग दी जानी है. वहीं, इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने भी संकेत दिया है कि उन्हें ईरान के खिलाफ फिर से कार्रवाई करनी पड़ सकती है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा है

अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी और Strait of Hormuz में तनाव के कारण Brent crude तेल की कीमत बढ़कर 126 डॉलर प्रति बैरल हो गई है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को क्यों खारिज किया

ट्रंप चाहते हैं कि किसी भी समझौते में ईरान की परमाणु क्षमताओं पर सख्त पाबंदी हो, जबकि ईरान पहले घेराबंदी हटाने की मांग कर रहा था.