अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कह दिया है कि अगर ईरान पाकिस्तान में होने वाली बातचीत में शामिल नहीं हुआ, तो अमेरिका उन पर कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। इस वजह से पूरी दुनिया की नज़र अब इस्लामाबाद पर टिकी है कि क्या दोनों देश शांति का रास्ता चुनेंगे या यह विवाद और बढ़ेगा।

क्या है Trump की चेतावनी और अमेरिका का प्लान?

Donald Trump ने Truth Social पर ऐलान किया कि उनके प्रतिनिधि 20 अप्रैल की शाम तक इस्लामाबाद पहुँच जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो वे ईरान के हर एक पावर प्लांट और हर एक पुल को निशाना बनाएंगे। अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है और हाल ही में एक ईरानी कार्गो शिप को भी जब्त किया है। अमेरिका की टीम में उपराष्ट्रपति JD Vance, स्टीव विटकॉफ और जारेड कुश्नर शामिल हैं।

ईरान का क्या कहना है और उसकी शर्तें क्या हैं?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा है कि फिलहाल बातचीत के अगले दौर के लिए कोई फैसला नहीं लिया गया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका शांति के लिए गंभीर नहीं है। ईरान ने अपनी कुछ शर्तें रखी हैं, जिनमें प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाना और अपने 6 अरब डॉलर के जमे हुए पैसे वापस लेना शामिल है। साथ ही ईरान ने साफ किया है कि वह अपने मिसाइल प्रोग्राम पर कोई समझौता नहीं करेगा।

बातचीत में कौन-कौन शामिल है?

इस पूरे मामले में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्कूलों को बंद कर दिया गया है। बातचीत में शामिल मुख्य लोग इस प्रकार हैं:

देश मुख्य प्रतिनिधि/नेता
अमेरिका Donald Trump, JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner
ईरान Mohammad Bagher Ghalibaf, Abbas Araghchi, Esmaeil Baghaei
पाकिस्तान Shehbaz Sharif, Asim Munir, Ishaq Dar
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.